पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   UP Pandi Village Residents to See City for the First Time, Embark on Kashi Vishwanath Pilgrimage

UP: जीवन में पहली बार शहर देखेंगे पंडी गांव की ये महिलाएं, काशी विश्वनाथ के दर्शन की मनोकामना भी होगी पूरी

Mon, 29 Jun 2026 01:40 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, पीडीडीयू नगर चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, पीडीडीयू नगर चंदौली Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 29 Jun 2026 01:40 PM IST
सार

चंदौली के पीडीडीयू नगर के नौगढ़ विकासखंड का पंडी गांव की 40 महिलाओं सहित 50 लोग जीवन में पहली बार शहर देखेंगे। इनकी काशी विश्वनाथ के दर्शन की वर्षों की मनोकामना पूरी होगी। डीआईजी वैभव कृष्ण के एक फैसले ने इनकी जिंदगी बदल दी।

विज्ञापन
UP Pandi Village Residents to See City for the First Time, Embark on Kashi Vishwanath Pilgrimage
जीवन में पहली बार शहर देखेंगे पंडी गांव के ये लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चंदौली के पीडीडीयू नगर के नौगढ़ विकासखंड का पंडी गांव आज भी ऐसी दुनिया में जी रहा है, जहां के लोगों ने शहर की सूरत तक नहीं देखी। करीब 80 घरों वाले इस गांव की महिलाएं और पुरुष कभी गांव और जंगल की सीमाओं से बाहर नहीं निकले। अब उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने जा रही है। 
विज्ञापन


सोमवार 29 जून को पंडी गांव की 40 महिलाएं और 10 पुरुष पुलिस की बस से वाराणसी जाएंगे और काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन करेंगे। यह पहल पुलिस विभाग के मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही है। कुछ दिन पहले डीआईजी वैभव कृष्ण जब पंडी गांव पहुंचे तो उन्होंने वहां की महिलाओं से बातचीत की। 
विज्ञापन


महिलाओं ने बताया कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है। यह सुनकर डीआईजी कुछ क्षण के लिए आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने महिलाओं से पूछा, यदि उन्हें कहीं ले जाया जाए तो वे क्या देखना चाहेंगी। इस पर महिलाओं ने बिना झिझक कहा कि वे काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं की इस इच्छा ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को भी भावुक कर दिया। मौके पर ही डीआईजी ने चंदौली पुलिस को निर्देश दिया कि मिशन शक्ति के तहत इन महिलाओं और गांव के कुछ पुरुषों को वाराणसी ले जाकर दर्शन-पूजन करवाएं।
 

एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे पुलिस की विशेष बस पंडी गांव पहुंचेगी। बस में गांव की दुर्गावती देवी (46), सरस्वती (70), कलावती( 42) पुष्प (35), प्रभावती( 45) सहित 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी ले जाया जाएगा। एक छोटे वाहन में दो इंस्पेक्टर और चार उपनिरीक्षक भी साथ चलेंगे।

एसपी ने बताया कि सभी श्रद्धालु पहले बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचेंगे। इसके बाद संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर भी जाएंगे। यदि समय बचा तो विशालाक्षी मंदिर सहित काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है।

नौगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान पंडी गांव की महिलाओं से बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है। उनकी इच्छा थी कि उन्हें काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों के दर्शन कराए जाएं। मिशन शक्ति के तहत उनकी इस इच्छा को पूरा किया जा रहा है। सोमवार को 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को काशी ले जाकर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कराया जाएगा। यह समाज के दूरस्थ और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का एक प्रयास है।-वैभव कृष्ण, डीआईजी
वर्जन

डीआईजी के निर्देशानुसार मिशन शक्ति के तहत पंडी गांव के 50 ग्रामीणों के लिए काशी दर्शन कार्यक्रम तैयार किया गया है। सोमवार सुबह पुलिस की बस उन्हें लेकर वाराणसी जाएगी। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। - आकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक, चंदौली
 

बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे पंडी के लोग
पहाड़ों और जंगलों से घिरे पंडी गांव की तस्वीर आज भी विकास से कोसों दूर नजर आती है। लगभग 80 घरों की आबादी वाला यह गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। गर्मी के दिनों में गांव के प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो जाता है। कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
 

गांव में मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है। संचार व्यवस्था बाधित रहने से लोग बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं। अधिकांश ग्रामीण मजदूरी और जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं। उनकी आय इतनी सीमित है कि परिवार का दो वक्त का भोजन और कपड़ों का खर्च मुश्किल से निकल पाता है।
 

ऐसे में शहर घूमना या धार्मिक यात्रा करना उनके लिए केवल एक सपना बनकर रह जाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी गांव की सबसे बड़ी समस्या है। यही वजह है कि गांव के कई लोग आज तक किसी बड़े शहर तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में पुलिस की यह पहल उनके लिए केवल एक यात्रा नहीं बल्कि जिंदगी का नया अनुभव साबित होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed