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वाराणसी जिला कारागार: स्मार्ट बोर्ड पर बंदी कर रहे पढ़ाई, स्पोकन इंग्लिश सीखने में दिखा रहे रुचि; जानें खास

अभिषेक मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 24 Jan 2026 10:32 AM IST
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सार

Varanasi News: जिला कारागार में यह व्यवस्था तीन श्रेणी के बंदियों में बांटी गई है। महिला और पुरुष अलग बोर्ड पर पढ़ रहे हैं। होप फाउंडेशन और कारागार के शिक्षक बंदियों को हिंदी और अंग्रेजी की शिक्षा दे रहे हैं।

Varanasi District Jail Inmates are studying on smartboards and showing interest in learning spoken English
जिला जेल में बंदियों को स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाया जा रहा है। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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District Jail Varanasi: चौकाघाट स्थित जिला कारागार में बंद 1770 बंदियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसके लिए कारागार में दो स्मार्ट बोर्ड लगवाए गए हैं। एक बोर्ड से महिला और दूसरे बोर्ड से पुरुष बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे उन्हें सीखने में आसानी तो हो ही रही है, साथ ही उन्हें जो पढ़ाया जा रहा है वह याद भी रह रहा है। कुछ बंदियों ने स्पोकन इंग्लिश सीखने में रुचि दिखाई है।

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जिला कारागार में पुरुष और महिलाओं को अलग-अलग पढ़ाया जा रहा है। इसके लिए उनके बैरक में दो स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं। इसमें बेसिक और एडवांस दोनों तरह की शिक्षण सामग्री अपलोड है। यह पूरी तरह से इंटरेक्टिव पैनल है। 
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इसके माध्यम से वीडियो, एनिमेशन और ग्राफ के जरिये जटिल विषयों को आसानी से समझाया जा सकता है। कारागार में बंदियों को रोजाना दो से तीन घंटे तक इस बोर्ड के माध्यम से पढ़ाया जाता है। कारागार में तैनात शिक्षक के अलावा समाजसेवी संस्था होप फाउंडेशन को इन बंदियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। संस्था की ओर से शिक्षक प्रत्येक रविवार को इन बंदियों की क्लास लेते हैं। 

बंदियों को दी जा रही शिक्षा
जिला कारागार के बंदियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें तीन श्रेणी में बांटा गया है। एक श्रेणी में वह सभी कैदी हैं जो एकदम साक्षर नहीं हैं। दूसरी श्रेणी में थोड़े-बहुत पढ़े-लिखे बंदी हैं। तीसरी श्रेणी में इंटरमीडिएट स्तर तक साक्षर बंदियों को रखा गया है। तीनों श्रेणी में सबसे अधिक दूसरी श्रेणी के बंदी हैं।

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