Varanasi News: काशी स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाया, अब तेज होगा काम; 350 करोड़ से हो रहा कायाकल्प
Kashi Railway Station: काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में बाधक अतिक्रमण हटाए जाने के बाद निर्माण कार्य तेज हो गया है। 350 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मल्टी मॉडल इंटर मॉडल टर्मिनल बनने से रेलवे, बस और ऑटो की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी तथा नमो घाट से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
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Varanasi News: काशी रेलवे स्टेशन के पास चल रहे विकास कार्य में बाधा बने अतिक्रमण को रेलवे और पुलिस प्रशासन की ओर से मंगलवार रात हटाने के बाद अब यहां निर्माण कार्य तेज हो गया है। काशी स्टेशन को मल्टी मॉडल इंटर मॉडल टर्मिनल यानी एक ही जगह से रेलवे के साथ बस, ऑटो भी लोगों को मिल सकेगा।
इससे लोगों को परेशानी नहीं होगी। काशी रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार और विस्तार कार्य के तहत स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 47.26 एकड़ में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 350 करोड़ रुपये से इस कार्य का 50 प्रतिशत काम लगभग पूराहो गया।
अब भदऊ चुंगी के पास जो अतिक्रमण था, उस वजह से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। मंगलवार की देर रात रेलवे, जिला, पुलिस प्रशासन की टीम भारी फोर्स के साथ पहुंची। बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त कराया गया जबकि बुधवार को जो भी मलबा था, उसे हटा लिया गया।
अतिक्रमण हटाने के बाद अब यहां निर्माण कार्य तेज हो गया है। बृहस्पतिवार को रेलवे की ओर से खाली जमीन पर जल्द से जल्द काम शुरू कराने को भी कार्यदायी एजेंसी को कहा गया है। नमो घाट के पास यह स्टेशन होने की वजह से इसकी घाट से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।
मालगोदाम क्षेत्र, भदऊ, भदऊ चुंगी रेलवे डाट पुल, अजगैब शहीद मस्जिद और पलंग शहीद मस्जिद के आसपास की कुछ भूमि को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। अजगैब शहीद मस्जिद कमेटी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है।
मंगलवार रात जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया। टीम वसंता कॉलेज पुलिस पिकेट की ओर से रेलवे के निर्माणाधीन क्षेत्र से होते हुए अंदर पहुंची और विवादित भूमि का सीमांकन और अतिक्रमण चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद बुलडोजर, पोकलैंड, हाइड्रा अंदर पहुंचा।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी बाहरी व्यक्ति को पास नहीं जाने दिया जा रहा था। देर रात तक प्रशासनिक और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही और अतिक्रमण से संबंधित स्थलों का निरीक्षण करती रही। पूरी कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध या तनाव की स्थिति सामने नहीं आई। हालांकि क्षेत्र में संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी रखी गई थी।