सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi Mohanlal Murder Case: Accused Killed Near Bathroom, Arrested Through Mobile Tracking

UP: मोहनलाल को बाथरूम के पास और पूजा को आंगन में मारा, जला दिए थे कपड़े-जूते; चार हत्या के दोषी को मौत की सजा

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 26 Mar 2026 02:45 PM IST
विज्ञापन
सार

29 अक्तूबर 2013 की रात हुए वाराणसी के मोहनलाल हत्याकांड ने जिलेवासियों को झकझोर दिया था। रविंद्र ने मोहनलाल जायसवाल को बाथरूम के पास और पूजा को कमरे के आंगन में मारा था। घटना के समय उसने गमछे से अपना चेहरा ढका हुआ था। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि जल निगम में ऑपरेटर रहे मोहनलाल जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम देवी उर्फ झुना देवी, बेटा प्रदीप उर्फ गोलू और बेटी पूजा की हत्या में कई लोगों का हाथ था। 

Varanasi Mohanlal Murder Case: Accused Killed Near Bathroom, Arrested Through Mobile Tracking
Varanasi Mohanlal Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

वाराणसी में 13 साल पुराने चार लोगों की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने दोषी रविंद्र उर्फ राजू पटेल को बुधवार को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई। चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की लाठी और रॉड से वार कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि यह एक जघन्य अपराध है। दोषी को तब तक फंदे से लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए।
Trending Videos


अदालत में वादी मुकदमा समेत 18 लोगों के बयान दर्ज हुए थे। इसमें घर के पांच लोग शामिल थे। साथ ही पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्य, खून से सने कपड़े, जूते समेत अन्य वस्तुएं प्रस्तुत की थीं। इस मामले में मृतक मोहनलाल जायसवाल के भाई अशोक कुमार जायसवाल ने 29 अक्तूबर 2013 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चंदापुर गांव में 29 अक्तूबर 2013 की रात करीब 9:30 बजे हमलावर लाठी-रॉड लेकर घर में घुसा और यूपी जल निगम में ऑपरेटर रहे मोहनलाल जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम देवी उर्फ झुना देवी, बेटा प्रदीप उर्फ गोलू और बेटी पूजा की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी। हमले में दूसरा बेटा संदीप जायसवाल भी घायल हुआ था, जो इलाज के बाद बच गया।

 

घटना के समय घर में मृतक की बेटी आरती भी थी। उसने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई और वहीं से चाची के मोबाइल पर फोन कर घटना की जानकारी दी। मामले की जानकारी होने पर परिजन घर पहुंचे और घायलों को दीनदयाल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को घटना के छह दिन बाद चंदापुर नहर के पास से गिरफ्तार किया था।

मोहनलाल को बाथरूम के पास और पूजा को आंगन में मारा
29 अक्तूबर 2013 की रात हुए वाराणसी के मोहनलाल हत्याकांड ने जिलेवासियों को झकझोर दिया था। रविंद्र ने मोहनलाल जायसवाल को बाथरूम के पास और पूजा को कमरे के आंगन में मारा था। घटना के समय उसने गमछे से अपना चेहरा ढका हुआ था। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि जल निगम में ऑपरेटर रहे मोहनलाल जायसवाल, उनकी पत्नी कुसुम देवी उर्फ झुना देवी, बेटा प्रदीप उर्फ गोलू और बेटी पूजा की हत्या में कई लोगों का हाथ था। मृतक मोहनलाल जायसवाल के गायब मोबाइल में जब सिम रविंद्र उर्फ राजू पटेल ने लगाया, तो पुलिस को सुराग मिला।
 

मृतक के भाई अशोक कुमार जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। तत्कालीन एसएसपी ने जांच के लिए टीम गठित की। जांच में सामने आया कि आरोपी मृतक का मोबाइल लेकर भागा था। घटना के दो-तीन दिन तक मोबाइल बंद रहा, जिसके बाद रविंद्र ने उसमें अपना सिम डाल दिया। मोबाइल ऑन होने पर आईएमईआई नंबर के माध्यम से पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की, जो चंदापुर नहर के पास मिली। 

 

पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद आरोपी करीब 500 मीटर दूर अपने घर गया और वहां खून लगे अपने कपड़े और जूते जला दिए थे। साक्ष्य के तौर पर पुलिस ने कपड़े और जूते बरामद किए।

 

2016 में गाजीपुर जेल जाते वक्त ट्रेन से कूदकर भागा था
एडीजीसी रोहित मौर्य के अनुसार, साल 2016 में जिला जेल में हुए बवाल में भी रविंद्र शामिल था। इसके बाद उसे गाजीपुर जेल में स्थानांतरित किया गया। ट्रेन से वहां जाते समय सैदपुर के पास उसने पुलिसकर्मियों को धक्का देकर ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उसे पकड़ लिया। दोषी पर दशाश्वमेध, कैंट भेलूपुर कोतवाली व सादात थाना सैदपुर में रंगदारी मांगने के मामले भी दर्ज हैं। कोर्ट में इस संदर्भ में एडीजीसी ने आरोप पत्र भी प्रेषित किया गया।
 

इस तरह से दिया था हत्याकांड को अंजाम
घटना के दिन मोहनलाल जायसवाल अपने बेटे संदीप जायसवाल के सामने वाले कमरे में बैठे थे। पीछे वाले कमरे में उनकी पत्नी कुसुम देवी उर्फ झुना देवी, दोनों बेटियां पूजा और आरती तथा छोटा बेटा प्रदीप उर्फ गोलू मौजूद थे, जबकि आरती सो रही थी। मोहनलाल लघुशंका के लिए बाथरूम गए। इसी दौरान नशे में धुत रविंद्र गमछे से चेहरा ढककर वहां पहुंचा और लोहे की रॉड (रंभा) से उन पर हमला कर दिया।

 

चीख सुनकर बेटा संदीप बचाव के लिए आया, इस दौरान रविंद्र का गमछा खुल गया और उसने उसे पहचान लिया, जिसके बाद आरोपी ने संदीप पर भी हमला कर दिया। दोनों अचेत होकर गिर पड़े। इसके बाद कुसुम देवी और प्रदीप उर्फ गोलू भी मौके पर पहुंचे, जहां आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। बेटी पूजा को उसने आंगन में मारा।

 

इस बीच आरती की नींद खुली तो वह शोर मचाते हुए दूसरे कमरे में भागी और दरवाजा बंद कर चौकी के नीचे छिप गई। वहीं से उसने चाची को फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजन सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और सभी को दीनदयाल अस्पताल ले गए, जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि संदीप को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। संदीप की जान बच गई।

 

मांसाहार और शराब पीने से मना करता था मोहनलाल
तत्कालीन एसएसपी राजेश मोडक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपी रविंद्र को मीडिया के सामने पेश करते हुए दावा किया था कि उसी ने चारों हत्याएं की थीं। पुलिस के अनुसार, रविंद्र मोहनलाल से नाराज रहता था क्योंकि मोहनलाल उसे अपने घर के पास मांसाहार बनाने और शराब पीने से रोकते थे। इतना ही नहीं, मोहनलाल ने इसकी शिकायत रविंद्र के पिता से भी की थी, जिसके कारण उसे परिवार की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश में रविंद्र ने मोहनलाल को सबक सिखाने की साजिष रची और उनके घर में घुसकर चारों की हत्या कर दी।

 

इन मामलों में भी कोर्ट ने सुनाई थी दोषियों को फांसी की सजा
मासूम से दुष्कर्म और हत्या (नवंबर 2025): रामनगर इलाके में 8 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने इरशाद को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला घटना के मात्र 11 महीने के भीतर सुनाया गया।

 

बेनियाबाग मजार हत्याकांड (अक्तूबर 2022) 
वर्ष 2012 में बेनियाबाग स्थित बाबा रहीम शाह मजार परिसर में चार लोगों की निर्मम हत्या के मामले में जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने तीन आरोपियों, अमजद, रमजान और अरशद को फांसी की सजा सुनाई थी।
 

न्यूजीलैंड की पर्यटक की हत्या (2014)
वर्ष 1997 में न्यूजीलैंड की पर्यटक डायना क्लेयर राउटली की हत्या के मामले में अदालत ने धरम देव यादव को फांसी की सजा सुनाई थी।

 

13 साल की लड़ाई के बाद मिला न्याय
पीड़ित पक्ष

फैसले के बाद पीड़ित परिवार का सदस्य घटना को याद कर भावुक हो गया और फफक कर रो पड़ा। अदालत से चार लोगों की हत्या के दोषी रविंद्र उर्फ राजू पटेल को फांसी की सजा मिलने के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार जायसवाल ने बताया कि यह लंबी लड़ाई थी। आज भी भतीजी आरती उस मंजर को याद कर सिहर उठती है। 

 

घर में पसरा रहा मातम
चार लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए रविंद्र उर्फ राजू पटेल को अदालत ने फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है। घटना के समय उसके पिता कमल पटेल घर पर नहीं थे, जो थे वो उदास दिखे। रविंद्र के पिता कमल पटेल पेशे से ट्रक मिस्त्री हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है।

 

असहाय और निहत्थे लोगों की अत्यंत घृणित और क्रूरतम तरीके से हत्या की 
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि दोषी का अपराध विरलतम से विरल की श्रेणी में आता है, आजीवन कारावास के बजाय मृत्युदंड दिया जाना न्यायोचित है। एक ही परिवार के चार लोगों की क्रूरतापूर्वक हत्या की गई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का वातावरण पैदा होना स्वाभाविक है। न्यायालय ने माना कि दोषी ने असहाय और निहत्थे लोगों को अत्यंत घृणित और क्रूरतम तरीके से हत्या की है।
    
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed