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वाराणसी: धरातल पर नहीं उतरा आदेश, चार साल बाद भी नापी नहीं; तीन साल से मेड़बंदी का इंतजार

Sun, 18 Oct 2026 01:49 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 18 Oct 2026 01:49 PM IST
सार

वाराणसी में जमीन की नापी और मेड़बंदी का मामला चार साल बाद भी लंबित है। आदेश के बावजूद धरातल पर कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परेशान है। पीड़ित तीन साल से मेड़बंदी का इंतजार कर रहा है। शनिवार को समाधान दिवस पर फिर शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने पर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

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Varanasi Order remains unimplemented ground land survey not conducted even after four years
संपूर्ण समाधान दिवस। - फोटो : संवाद

विस्तार

तहसील में अधिकारियों के आदेश के बावजूद राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 184 मामले आए, 11 मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। भीमचंडी निवासी बालकिशुन ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि की नापी के लिए वर्ष 2022 में प्रार्थना पत्र दिया था। 

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इसके बाद राजस्व टीम गठित कर जमीन की नापी कराने का आदेश दिया गया, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ऐसे कई मामले सामने आए लंबे समय से समाधान के इंतजार में हैं। 

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दिए गए निर्देश

इस दौरान कतार में खड़े एक फरियादी को अचानक चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा। नायब तहसीलदार संग्राम सिंह ने फरियादी को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया। सुंदरपुर निवासी बीरबल पटेल ने बताया कि वर्ष 2023 में सीमांकन की पुष्टि होने के बाद उनकी भूमि की मेड़बंदी का आदेश जारी हुआ था। तत्कालीन एसडीएम के आदेश के बावजूद तीन साल से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक राजस्वकर्मी मेड़बंदी नहीं करा सके। 

टोडरपुर निवासी रामकरण ने बताया कि आवंटन में मिली उनकी जमीन आराजी संख्या 509 ग पर सामुदायिक भवन का निर्माण करा दिया गया है। उन्होंने इसके बदले अन्यत्र भूमि आवंटित करने की मांग की। वहीं, गंजारी निवासी विपिन कुमार ने शिकायत की कि खतौनी के कन्वर्जन के दौरान आराजी संख्या 1318 से उनका नाम गायब हो गया। इस पर एसडीएम शांतनु कुमार सिनसिनवार ने मामले की जांच कर अभिलेख दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

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