Varanasi Top News: 500 रुपये के लालच में साइबर ठगों के जाल में फंस गया युवक, पढ़ें- वाराणसी की क्राइम की खबरें
पुलिस के अनुसार, पिंडराई निवासी अवधेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले एक महिला ने फोन कर उसे बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विश्वास में लेने के बाद महिला ने उससे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड ले लिया।
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वाराणसी में फूलपुर थाना क्षेत्र के बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक के बैंक खाते का इस्तेमाल अपने नेटवर्क में किया। इसके बदले युवक को महज 500 रुपये दिए गए। मामला तब सामने आया, जब गृह मंत्रालय के आई4सी पोर्टल पर चिह्नित संदिग्ध बैंक खातों के सत्यापन के लिए फूलपुर पुलिस जांच करने पहुंची। इनमें सबसे बड़ी शिकायत 3.78 लाख रुपये की बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, पिंडराई निवासी अवधेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले एक महिला ने फोन कर उसे बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। विश्वास में लेने के बाद महिला ने उससे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड ले लिया। बाद में एटीएम का पिन भी हासिल कर लिया। इसके बदले उसे केवल 500 रुपये दिए गए।
आरोप है कि इसके बाद महिला ने अवधेश से यूनियन बैंक में एक और खाता खुलवाया तथा उसका एटीएम कार्ड और चेकबुक भी अपने पास रखवा ली।
पुलिस जांच में सामने आया कि अवधेश का भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज साइबर ठगी की कई शिकायतों से जुड़ा है।जांच में पता चला कि लखनऊ, रीवा (मध्य प्रदेश), रायसेन (मध्य प्रदेश), रांची (झारखंड) और टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) से जुड़ी साइबर ठगी की रकम का लेनदेन इसी खाते के माध्यम से हुआ।
थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि महिला की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उसका साइबर ठगी गिरोह से क्या संबंध है और इस नेटवर्क में कितने अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
म्यूल खातों से 46,492 रुपये की धोखाधड़ी, तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
म्यूल खातों के जरिये साइबर ठगी के मामले में महिला समेत तीन आरोपियों के खिलाफ रविवार को रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच में 46,492 रुपये की साइबर धोखाधड़ी सामने आई है।
रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि अमीशा राय के नाम पर बैंक खाता था। वह चितईपुर की रहने वाली है। पूछताछ में अमीशा ने बताया कि उसने यह खाता युवराज सिंह के कहने पर खुलवाया था। युवराज ने उसे कुछ रुपये देने और ऑनलाइन कमाई का प्रतिशत देने का लालच दिया था। अमीशा ने विशाल गिरी के साथ मिलकर बैंक ऑफ इंडिया की अखरी बाईपास शाखा में खाता खुलवाया था। उसने स्वीकार किया कि लालच में आकर उसने यह खाता खुलवाया। अमीशा के डेबिट कार्ड और मोबाइल नंबर का उपयोग अभी भी युवराज सिंह कर रहा है।
पुलिस ने विशाल गिरी से भी पूछताछ की, जिसने अमीशा का खाता खुलवाने की बात स्वीकार की। विशाल ने बताया कि युवराज सिंह को पहले साइबर थाने की पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ के लिए म्यूल खाते खुलवाए थे। युवराज सिंह सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का उपयोग कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन के लिए किया जाता था। खाताधारकों को बदले में कुछ रुपये या लाभ का प्रतिशत देने का वादा किया जाता था। इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर इस खाते से संबंधित कुल 13 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में कुल 46,492 रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है। उपनिरीक्षक श्याम बाबू की तहरीर पर रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
साइबर ठगों ने 5.64 लाख रुपये उड़ाए, 5.12 लाख रुपये फ्रीज
बड़ागांव थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 564197 रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की सूझबूझ और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत से 512495 रुपये की राशि को रोक लिया गया।
बड़ागांव निवासी रमेश सिंह ने पुलिस को बताया कि खाते से 27 जुलाई को दोपहर 3.12 बजे पैसे कटने शुरू हुए। ठगों ने आधे घंटे के भीतर छह किस्तों में कुल 5,64,197 रुपये निकाले। कम पढ़े-लिखे होने के कारण उन्हें तुरंत लेनदेन की जानकारी नहीं मिल पाई। परिजनों ने घटना का अहसास होते ही 1930 पर संपर्क किया। शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल ने कार्रवाई की। ठगी गई रकम में से 5,12,495 रुपये को संबंधित खातों में जमा करवा दिया गया।
बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक पंकज सिंह चौहान को सौंपा गया है। साइबर सेल ने नागरिकों से ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 डायल करने की अपील की है। लोग www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह त्वरित कार्रवाई से रकम को रोके जाने में मदद करता है।
पांच दिन से लापता बालक का घर के पीछे पोखरी से मिला शव
बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुसमुरा गांव से पांच दिन से लापता सात वर्षीय आयांश का शव रविवार सुबह घर के पीछे स्थित एक पोखरी से बरामद किया गया। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिता अमित विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ आयांश मंगलवार सुबह अचानक घर से गायब हो गया था। इसकी गुमशुदगी स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। तब से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। परिजनों को आशंका हुई कि आयांश घर के पीछे की पोखरी में हो सकता है। इसके बाद पोखरी का कुछ पानी निकलवाया गया और गंदगी हटाई गई। फिर गोताखोरों की मदद से पानी के अंदर से उसका शव बरामद किया गया।
आयांश दो बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर का था। उसका शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ागांव थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि आयांश न सुन सकता था और न ही बोल पाता था। वह मानसिक रूप से भी अस्वस्थ था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। ग्रामीणों का अनुमान है कि वह घर के पीछे स्थित पोखरी में चला गया होगा और पैर फिसलने से डूब गया होगा।
स्कूल गई किशोरी लापता, परिजनों ने दर्ज कराई प्राथमिकी
चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 15 वर्षीय किशोरी लापता हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। किशोरी 27 जुलाई की सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने रिश्तेदारों, परिचितों और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस टीम जुटी है। संवाद
बाउंड्रीवाल गिराने, मारपीट और पथराव में 16 पर प्राथमिकी
कैंट थाना क्षेत्र के घौसाबाद स्थित मोहन कुंज बिल्डिंग में जमीन पर कब्जे के विवाद को लेकर बाउंड्रीवाल गिराने, मारपीट, पथराव और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने 16 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अवनीश त्रिपाठी ने तहरीर में आरोप लगाया कि दो अगस्त की रात आरोपियों ने कब्जे की नीयत से बाउंड्रीवाल गिरा दी और ईंटें उठा ले गए। सुबह विरोध करने पर गाली-गलौज के बाद ईंट-पत्थर से हमला किया गया। आरोप है कि बैट से हमला कर उन्हें घायल किया गया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। दूसरे पक्ष की महिलाओं ने भी घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
महुआ का पत्ता तोड़ते समय पेड़ से गिरकर युवक की मौत
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के बहेड़वा गांव के पास महुआ का पत्ता तोड़ते समय करीब 30 फीट ऊंचे पेड़ से गिरकर एक अज्ञात युवक की मौत हो गई। घटना के करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने पेड़ के नीचे शव पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, करीब 25 वर्षीय युवक महुआ के पेड़ पर चढ़कर पत्ते तोड़ रहा था। इसी दौरान पेड़ की ऊपरी डाल अचानक टूट गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। युवक ने लाल रंग की टी-शर्ट और पैंट पहन रखी थी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों और गांवों में उसका हुलिया और फोटो भेजा गया है।