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ये कैसी व्यवस्था: वाटर टैक्सी का 345 का टिकट फिर भी सवारी के लिए प्लेटफॉर्म तक नहीं, अधर में लटका संचालन

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 09 Feb 2026 10:47 AM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में वाटर टैक्सी सेवा का संचालन अधर में लटका हुआ है। इसकी वजह है कि संबंधित विभाग उपयुक्त जेटी की व्यवस्था करने में विफल साबित हो रहे हैं। 

water taxi ticket cost 345 but there still no platform to board from in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

काशी में पर्यटकों को गंगा की लहरों पर सैर कराने का सपना फिलहाल कागजों और घाटों के किनारे सिमट कर रह गया है। गंगा नदी में जेटी की कमी के कारण वाटर टैक्सी सेवा का संचालन अधर में लटका हुआ है। नगर निगम और संबंधित विभाग गंगा में उपयुक्त जेटी की व्यवस्था करने में विफल साबित हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अत्याधुनिक वाटर टैक्सियां सामनेघाट क्षेत्र में खड़ी-खड़ी धूल फांक रही हैं। विभागों की इस प्रकार की कार्यशैली ने सरकारी संसाधनों की बर्बादी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अनुसार, नमो घाट से रविदास घाट के बीच कुल 10 वाटर टैक्सियों का संचालन किया जाना है। वर्तमान में चार टैक्सियां पूरी तरह से तैयार होकर विभाग को मिल चुकी हैं।  
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शहर के यातायात पर कम होगा दबाव

तैयार की गई इन चार वाटर टैक्सियों में आधुनिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। इनमें 2 टैक्सियां 35 सीटों वाली हैं, जबकि अन्य 2 टैक्सियों की क्षमता 50 सीटों की है। प्रशासन ने अस्सी घाट से नमो घाट तक के सफर के लिए प्रति यात्री 345 रुपये का किराया भी पहले ही निर्धारित कर दिया है। 

इस सेवा का मुख्य उद्देश्य काशी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को गंगा के घाटों का एक नया और शानदार अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही, इससे शहर की सड़कों पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने की भी योजना थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने इन सभी उद्देश्यों पर ब्रेक लगा दिया है। परियोजना से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि जब तक जेटी का निर्माण या स्थापना सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वाराणसी की ये वाटर टैक्सियां केवल किनारे पर खड़ी शो-पीस बनकर रह जाएंगी।
 
अधिकारी बोले
जिन जगहों पर वाटर टैक्सी के लिए नगर निगम से जेटी मांगी गई थी, वहां जेटी लगवाई जा चुकी है। इसके लिए अधिकारियों संग बैठक भी हुई थी। - हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त

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