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महिला आयोग में पहुंचा जमीनी विवाद: मदद मांगने पर नोटिस, पांच बच्चों की मां बोली- हादसा नहीं, पति की हत्या हुई

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 18 Jun 2026 12:53 PM IST
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सार

Varanasi News: महिला आयोग की जनसुनवाई में चोलापुर की नीलम कनौजिया का जमीन का विवाद पहुंचा। आरोप था कि एक दरोगा ने उनसे कहा कि हम महिला आयोग को नहीं मानते हैं। मामले की जांच एडीसीपी महिला अपराध को सौंपी गई। 

Women Commission hearing at Circuit House total of 28 complaints received in Varanasi
महिला आयोग की सुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सर्किट हाउस में महिला आयोग की चार घंटे चली सुनवाई में कुल 28 शिकायतें आईं। दो शिकायतों का समाधान हुआ। आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने दो पुरानी शिकायतों की भी समीक्षा की। चोलापुर की नीलम कनौजिया का जमीन का विवाद था। शिकायत लेकर दूसरी बार आई थीं, उनका आरोप था कि उनकी पुश्तैनी हिस्सेदारी की जमीन पर ससुर और देवर कब्जा करना चाहते हैं। देवर शशि कनौजिया यूपी पुलिस में हैं और बलिया में तैनात हैं। पुलिस उन्हें थाने से लौटा रही है। आरोप था कि एक दरोगा ने उनसे कहा कि हम महिला आयोग को नहीं मानते हैं। मामले की जांच एडीसीपी महिला अपराध को सौंपी गई। 



सिंधौरा की सारथी वर्मा का आरोप था कि दीनदयाल अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर एमएस डॉ. प्रेम प्रकाश ने उनसे 15 हजार रुपये ऐंठे थे। पिछली बार महिला आयोग में शिकायत के बाद डॉक्टर ने पीड़ित को ही लीगल नोटिस भेज दिया। चौबेपुर थाना क्षेत्र की खुशबू उपाध्याय का आरोप था कि उनके पति सुशील उपाध्याय की 14 मई को हत्या हो गई है। जबकि पुलिस इसे हादसा बता रही है। वह अपने पांच बच्चों को लेकर न्याय के लिए भटक रही है। 
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आयोग की सदस्य ने मामले की जांच एडीसीपी को सौंपी। साथ ही कौशल विकास योजना से रोजगार उपलब्ध कराने और दो बच्चों को बाल सेवा योजना का लाभ देने के निर्देश दिए। धरसौना गांव की उर्मिला देवी का आरोप था कि उनकी बहू माला देवी उन्हें और उनके बेटे को प्रताड़ित करती है। परिवार से अलग रहती है और किसी तीसरे व्यक्ति से जान से मारने की धमकी दिलवाती है। 

मामले की जांच पुलिस को सौंपी गई। प्राप्त प्रकरणों में भूमि विवाद से संबंधित मामलों की संख्या अधिक रही। महिला उत्पीड़न, नौकरी के नाम पर धनराशि लेने, मकान पर अवैध कब्जा और उपचार संबंधी प्रकरण भी आए। सदस्य, राज्य महिला आयोग की ओर से प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को भेजा गया। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट रवि शंकर सिंह, डीपीओ पंकज कुमार मिश्र, वन स्टॉप सेंटर से केंद्र प्रबंधक रश्मि दुबे, पूजा सिंह, अनामिका यादव, शालिनी पांडे रहे।
 
हर महिला पुलिसकर्मी को होनी चाहिए योजनाओं की जानकारी 
चार घंटे चली बैठक में आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने कहा कि महिलाओं को शासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का भी लाभ मिलना चाहिए। थाने में बैठने वाली हर महिला पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी होनी चाहिए। ताकि फरियादी महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिल सके। महिलाओं से पुलिस नरमी से पेश आए, यह प्राथमिकता में होनी चाहिए।

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