Bageshwar News: दहशत फैलाने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद, रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेजा
बागेश्वर जिले के मनकोट और छाती गांव में दहशत कई दिनों से चल रही थी। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में रविवार को खौफ का पर्याय बना तेंदुआ कैद हो गया।
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बागेश्वर जिले के मनकोट और छाती गांव में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार रविवार तड़के वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों ने बड़ी राहत महसूस की है। कैद तेंदुए की पशुपालन विभाग से जांच कराकर वन विभाग ने रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेज दिया है। पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ रिहायशी इलाकों में लगातार धमक दे रहा था।
शनिवार को एक ग्रामीण के घर पर लगे निजी सीसीटीवी कैमरे में तेंदुए की हलचल रिकॉर्ड हुई थी जिसमें वह आंगन से गुजरता हुआ दिखाई दिया था। इसी सटीक जानकारी के आधार पर रेंजर केवलानंद पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने शनिवार शाम पिंजरे की जगह बदली थी। विभाग की यह रणनीति कारगर साबित हुई और रविवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में फंसा मिला।
तेंदुए के पिंजरे में फंसने की आहट सुन कर ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को रेस्क्यू कर रेंज मुख्यालय पहुंचाया।पशु चिकित्सक डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि तेंदुए की उम्र 11 से 13 साल के बीच प्रतीत हो रही है। वह पूरी तरह स्वस्थ है। क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता से लोग बेहद डरे हुए थे। कुछ दिन पहले ही उसने दिनदहाड़े बकरी को अपना निवाला बनाया था जबकि मनकोट गांव में एक बुजुर्ग महिला पर हमले की घटना के बाद से ही वन विभाग अलर्ट मोड पर था। विभाग ने 10 ट्रैप कैमरे लगाए थे।
ग्रामीण के सीसीटीवी फुटेज के के आधार पर शनिवार को पिंजरे की जगह बदली गई थी जिसके बाद आज तड़के तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार पशु चिकित्सक से जांच कराने के बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिगत अभी भी निगरानी जारी रहेगी।-केवलानंद पांडेय, रेंजर, बागेश्वर
