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Pithoragarh News: मिनरल-अमिनो एसिड खिलाकर परखेंगे मछलियों की अठखेलियों पर असर

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 11 Mar 2026 11:15 PM IST
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The effect on the antics of fish will be tested by feeding them mineral-amino acids.
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चंपावत। मुड़ियानी के प्रायोगिक केंद्र के तालाबों में इन दिनों वैज्ञानिकों की नजर मछलियों की हर अठखेली पर टिकी है। रैनबो ट्राउट मछलियों पर चल रहा एक खास प्रयोग चल रहा है। उनके भोजन में मिनरल और अमिनो एसिड मिलाकर यह परखा जा रहा है कि पोषण का असर उनकी सेहत, तैरने की गति और व्यवहार पर कितना पड़ता है।
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केंद्रीय मत्स्य संस्थान के मुड़ियानी प्रायोगिक केंद्र में शुरू हुए इस अध्ययन के तहत 180 रैनबो ट्राउट मछलियों को चार समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक समूह में 45-45 मछलियां रखी गई हैं। एक समूह को सामान्य आहार दिया जा रहा है जबकि दूसरे समूह को मिनरल युक्त भोजन परोसा जा रहा है। तीसरे समूह की मछलियों को अमिनो एसिड दिया जा रहा है। चौथे समूह को मिनरल और अमिनो एसिड दोनों को उनके नियमित आहार के साथ दिया जा रहा है।
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शोध के दौरान वैज्ञानिक मछलियों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। उनके तैरने की स्थिति, सक्रियता और व्यवहार का लगातार अध्ययन किया जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि पोषण में बदलाव का मछलियों की वृद्धि और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। शुरुआती चरण में वैज्ञानिकों को सकारात्मक संकेत मिले हैं। पूरा अध्ययन दो माह तक चलेगा और इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। शोध के निष्कर्ष सामने आने के बाद मत्स्य पालकों को भी इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह शोध कार्य जम्मू-कश्मीर के एमएससी छात्र आकाश, केंद्र प्रभारी डॉ. पंकज कुमार के निर्देशन में कर रहे हैं।

रैनबो ट्राउट क्यों है खास
रैनबो ट्राउट पोषक तत्वों से भरपूर प्रोटीन का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। इसमें सेलेनियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन डी और बी-12 प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। अपनी इंद्रधनुषी धारियों के कारण यह मछली खास पहचान रखती है। बाजार में इसका मांस सामान्यतः 500 से 600 रुपये प्रति किलो बिकता है जबकि बड़े शहरों में इसकी कीमत इससे भी अधिक होती है।

कोट
दो माह तक रैन बो ट्राउट मछलियों के चार समूह पर शोध कार्य किया जा रहा है। मिनरल, एमिनो एसिड उनके नियमित आहार के साथ दिया जा रहा है। अप्रैल माह में पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

-डॉ. पंकज कुमार, केंद्र प्रभारी
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