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Rudraprayag News: रामपुर में फिर भू-धंसाव से एनएच पर आईं गहरी दरारें
Mon, 17 Aug 2026 06:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Mon, 17 Aug 2026 06:30 PM IST
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एक ही तरफ से जा रहे वाहन, पहले से संवदेनशील है क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। गुप्तकाशी गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर क्षेत्र में फिर भू-धंसाव होने लगा है। बारिश के कारण हाईवे पर करीब 800 एमएम तक हाईवे धंसने से यहां चौड़ी और गहरी दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में यहां वाहन एक ही तरफ से जा रहे हैं।
यह क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव की चपेट में रहा है। कुछ वर्ष पूर्व भू-धंसाव के कारण एक होटल भी ध्वस्त हो गया था। यहां करोड़ों रुपये की लागत से ट्रीटमेंट कार्य कराया गया था और केदारनाथ यात्रा से पहले इसे दुरुस्त किया गया था। बाद में एक हिस्से का पुश्ता भी धंस गया था। वहीं एनएच खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इस हिस्से में जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई अत्यधिक बारिश के कारण भू-धंसाव हुआ है और मार्ग के बड़े हिस्से में दरारें आई हैं। प्रभावित स्थल के समीप भू धंसाव संवदेनशील क्षेत्र का उपचार पहले से चल रहा है। अब नई स्थिति को देखते हुए संबंधित ठेकेदार से क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार कार्य उनके जोखिम और खर्च पर कराया जा रहा है।
अगस्त्यमुनि-बसुकेदार मार्ग पर धंसाव से मकानों को खतरा
बसुकेदार। रायड़ी में अगस्त्यमुनि-बसुकेदार मार्ग का करीब 25 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से यहां धंसाव हो रहा था इसके बाद भी लोनिवि ने अब तक इसका संज्ञान नहीं लिया। अब मार्ग के नीचे स्थित कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। महेश लाल ने सुरक्षा की दृष्टि से घर छोड़ दिया है। ग्राम प्रधान सुजाता देवी, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष वीना देवी, जगदीश सिंह, लवकुश, पंकज कुमार और विश्वलाल समेत ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत और सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजीव सैनी ने बताया कि भू धंसाव क्षेत्र का इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और 10 दिनों में इसका उपचार शुरू किया जाएगा। संवाद
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एक ही तरफ से जा रहे वाहन, पहले से संवदेनशील है क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रप्रयाग। गुप्तकाशी गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर क्षेत्र में फिर भू-धंसाव होने लगा है। बारिश के कारण हाईवे पर करीब 800 एमएम तक हाईवे धंसने से यहां चौड़ी और गहरी दरारें पड़ गई हैं। ऐसे में यहां वाहन एक ही तरफ से जा रहे हैं।
यह क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव की चपेट में रहा है। कुछ वर्ष पूर्व भू-धंसाव के कारण एक होटल भी ध्वस्त हो गया था। यहां करोड़ों रुपये की लागत से ट्रीटमेंट कार्य कराया गया था और केदारनाथ यात्रा से पहले इसे दुरुस्त किया गया था। बाद में एक हिस्से का पुश्ता भी धंस गया था। वहीं एनएच खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इस हिस्से में जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई अत्यधिक बारिश के कारण भू-धंसाव हुआ है और मार्ग के बड़े हिस्से में दरारें आई हैं। प्रभावित स्थल के समीप भू धंसाव संवदेनशील क्षेत्र का उपचार पहले से चल रहा है। अब नई स्थिति को देखते हुए संबंधित ठेकेदार से क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार कार्य उनके जोखिम और खर्च पर कराया जा रहा है।
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अगस्त्यमुनि-बसुकेदार मार्ग पर धंसाव से मकानों को खतरा
बसुकेदार। रायड़ी में अगस्त्यमुनि-बसुकेदार मार्ग का करीब 25 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से यहां धंसाव हो रहा था इसके बाद भी लोनिवि ने अब तक इसका संज्ञान नहीं लिया। अब मार्ग के नीचे स्थित कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। महेश लाल ने सुरक्षा की दृष्टि से घर छोड़ दिया है। ग्राम प्रधान सुजाता देवी, क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष वीना देवी, जगदीश सिंह, लवकुश, पंकज कुमार और विश्वलाल समेत ग्रामीणों ने विभाग से शीघ्र क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत और सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। वहीं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संजीव सैनी ने बताया कि भू धंसाव क्षेत्र का इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है और 10 दिनों में इसका उपचार शुरू किया जाएगा। संवाद
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