बिहार के राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान शनिवार को दरभंगा स्थित कल्याणी निवास पहुंचे, जहां उन्होंने महारानी कामसुंदरी देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर युवराज कपिलेश्वर सिंह और युवराज राजेश्वर सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया। महारानी कामसुंदरी देवी का द्वादशा श्राद्ध कर्म आज आयोजित किया गया है, जिसमें राज्यपाल सहित कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल हुए।
12 जनवरी को हुआ था महारानी का निधन
गौरतलब है कि महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी को कल्याणी निवास में हुआ था। राजपरिवार द्वारा उनका श्राद्ध कर्म पारंपरिक राजशाही अंदाज में किया जा रहा है। इस आयोजन में पूरे मिथिला क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित किया गया है। अतिथियों के लिए 56 प्रकार के व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी।
राज्यपाल ने क्या कहा?
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जब वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्र थे, तभी से दरभंगा राज परिवार के योगदान के बारे में सुनते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) हो या अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, देश में शिक्षा के क्षेत्र में दरभंगा राज परिवार का योगदान अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने कहा कि वे कृतज्ञता के भाव से श्रद्धांजलि अर्पित करने आए हैं।
राज्यपाल ने दिया आश्वासन
राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि राजपरिवार के पूर्वजों द्वारा किए गए सामाजिक और शैक्षणिक विकास के कार्यों को आने वाली पीढ़ियां आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने युवराज कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह से कहा कि महाराज और महारानी द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हर संभव सहयोग करेगी।
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कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह ने क्या कहा?
वहीं युवराज कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह ने कहा कि राज्यपाल डॉ. आरिफ मोहम्मद खान लंबे समय से उनके परिवार से जुड़े रहे हैं और अलीगढ़ विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने दरभंगा राज परिवार के योगदान को नजदीक से देखा है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने कल्याणी निवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और राजपरिवार के सामाजिक योगदान की सराहना की। युवराजों ने कहा कि राजपरिवार जनहित में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है और भविष्य में भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।