समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड अंतर्गत सतमलपुर पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक रहीमुद्दीन उर्दू विद्यालय में इंटर के छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा से वंचित किए जाने का मामला तूल पकड़ गया। सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए और समस्तीपुर-बहेड़ी मुख्य पथ के सतमलपुर चौक को जाम कर दिया। इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने विद्यालय में ताला भी जड़ दिया, जिससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बावजूद नहीं मिला डमी एडमिट कार्ड
छात्रों का आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रीति कुमारी द्वारा उनसे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुल्क तो लिया गया, लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन फॉर्म सही तरीके से नहीं भरा गया। छात्रों का कहना है कि ब्लैंक फॉर्म भर दिए जाने के कारण उनका डमी एडमिट कार्ड जारी नहीं हुआ। सरकार द्वारा 10 जनवरी से 20 जनवरी तक प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करने का आदेश जारी किया गया था और अन्य विद्यालयों में परीक्षा भी हुई, लेकिन इस विद्यालय के छात्रों को इससे वंचित कर दिया गया।
फाइनल परीक्षा नजदीक, बढ़ी छात्रों की चिंता
विद्यालय में इंटर के करीब 68 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि माध्यमिक स्तर पर लगभग 111 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि दो फरवरी से इंटर की फाइनल परीक्षा शुरू होनी है, लेकिन अब तक न तो डमी एडमिट कार्ड मिला और न ही प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने का अवसर। इससे छात्रों में भविष्य को लेकर गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विद्यालय बुलाकर भी नहीं बांटा गया एडमिट कार्ड
छात्रों के अनुसार, प्रधानाध्यापिका ने 21 जनवरी को डमी एडमिट कार्ड वितरण के लिए विद्यालय बुलाया था। जब छात्र विद्यालय पहुंचे तो प्रधानाध्यापिका कार्यालय में उपस्थित नहीं थीं और एडमिट कार्ड का कोई इंतजाम नहीं था। बाद में जब छात्रों ने मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्हें कथित तौर पर यह कह दिया गया कि उन्हें अब एडमिट कार्ड नहीं मिलेगा और परीक्षा मई में होगी, जो करना है कर लें।
पढ़ें- Crime: जज ने ही रची थी अपनी पत्नी की हत्या की साजिश! दो लाख की दी गई सुपारी; भाइयों और पार्षद ने किया यह काम
सड़क जाम और बर्खास्तगी की मांग
इस जवाब से नाराज छात्रों ने एकजुट होकर सड़क जाम कर दिया और प्रधानाध्यापिका को बर्खास्त करने तथा एक साथ परीक्षा आयोजित कराने की मांग पर अड़ गए। वारिसनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझा-बुझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे और तत्काल एडमिट कार्ड उपलब्ध कराने की मांग करते रहे।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई, निलंबन का निर्देश
मामले में प्रधानाध्यापिका की लापरवाही उजागर होने के बाद यह भी सामने आया कि मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षा का फॉर्म भी सही तरीके से नहीं भरा गया था। इस गंभीर चूक को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने का निर्देश दिया है।