पटना के चर्चित शंभू हॉस्टल कांड में नीट की छात्रा की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस घटना को लेकर अब जहानाबाद जिले में भी विरोध तेज हो गया है। न्याय की मांग को लेकर जिले के अल्पसंख्यक समुदाय के लोग खुलकर मैदान में उतर आए हैं और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
जुम्मे की नमाज के बाद निकला मौन जुलूस
शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग एकत्रित हुए और मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस जहानाबाद जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजार मार्गों से गुजरते हुए कारगिल चौक तक पहुंचा। पूरे जुलूस के दौरान लोग शांतिपूर्वक न्याय की मांग करते नजर आए।
कारगिल चौक पर मौन धरना
जुलूस के कारगिल चौक पहुंचने के बाद वहां मौन धरना दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर नीट छात्रा को न्याय दिलाने से जुड़े नारे लिखे थे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
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सरकार और जांच एजेंसियों पर उठे सवाल
मौन जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि नीट छात्रा की हत्या के मामले में बिहार सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने जांच तो की, लेकिन जांच की प्रगति और निष्कर्ष को सार्वजनिक नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब सीबीआई जांच की अनुशंसा भी मामले को दबाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
दोषियों को फांसी की मांग
अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक नीट छात्रा को न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि हत्या की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।