वैशाली जिले के हाजीपुर–लालगंज मुख्य मार्ग (SH-74) पर देर रात एक घर में रखे गैस सिलेंडर में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा घर उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए, लेकिन तब तक घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद घर में रखे दो अन्य गैस सिलेंडरों ने भी आग पकड़ ली, जिससे पूरे घर में तेजी से लपटें फैलने लगीं। आग की ऊंची लपटें देखकर सड़क से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई और मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम दो बड़ी और एक छोटी दमकल गाड़ी के साथ दर्जनों कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अग्निशमन कर्मियों ने घर में रखे रसोई गैस के दो सिलेंडरों को बुझाकर सुरक्षित बाहर निकाला और करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया।
बताया जा रहा है कि आग बुझने के बाद यह सामने आया कि रमेश प्रसाद के घर में रखे लाखों रुपये मूल्य के सामान जलकर राख हो चुके हैं। घर में रखे कपड़े, जेवरात, नकदी समेत अन्य जरूरी सामान बुरी तरह जल गए। सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग सहम गए और उन्हें आशंका थी कि कहीं आग पास के घरों तक न फैल जाए।
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स्थानीय लोगों ने भी अग्निशमन विभाग की टीम के साथ मिलकर आग बुझाने में सहयोग किया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका और लोगों ने राहत की सांस ली। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक अभियान चलाकर पूरी तरह आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है।
आग की तेज लपटों के कारण हाजीपुर–लालगंज मुख्य मार्ग पर हजारों वाहन कतार में खड़े हो गए और घंटों तक आवागमन बाधित रहा। आग की भयावहता को देखते हुए लोग सड़क पार करने या आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति सामान्य होने के बाद सड़क से वाहनों को हटवाया और यातायात बहाल कराया, तब जाकर आवागमन फिर से शुरू हो सका।