सारण जिले में गंडक नदी के बांध टूटने के बाद बाढ़ का असर अब भी बरकरार है। मकेर प्रखंड क्षेत्र में सोनहो चौक से मकेर जाने वाले मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सोनहो चौक से आगे बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
सोनहो चौक से पूर्व की ओर जाने वाली सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। वहीं, पुलिया के पास मकेर की ओर से परसा की तरफ पानी का तेज बहाव है। पानी की रफ्तार और सड़क पर जलजमाव के कारण सामान्य वाहनों का परिचालन जोखिम भरा हो गया है। एहतियातन प्रशासन ने बड़े वाहनों को आगे जाने से रोक दिया है। छपरा से मुजफ्फरपुर जाने वाले वाहनों को सोनपुर और हाजीपुर होते हुए मुजफ्फरपुर भेजा जा रहा है। मार्ग पर पानी का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
ट्रैक्टर और नाव का सहारा
सड़क पर पानी भरने से स्थानीय लोगों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। कई जगह लोग ट्रैक्टर के सहारे आवागमन कर रहे हैं, जबकि अधिक जलजमाव वाले क्षेत्रों में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। आवश्यक सामान लाने-ले जाने के साथ मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है। गंडक नदी के तटबंध में टूटने के बाद पानी आसपास के इलाकों में फैल गया है। इसके चलते मकेर, परसा सहित आसपास के क्षेत्रों की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं। सोनहो-मकेर मार्ग पर पानी का दबाव बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
एनएच-722 पर भी कई जगह पानी
बाढ़ का असर छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 पर भी देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में पानी चढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ है। इससे आसपास के गांवों और प्रखंड मुख्यालयों के बीच संपर्क व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जलस्तर और सड़क पर पानी के बहाव को देखते हुए वाहनों का परिचालन नियंत्रित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों से जलमग्न सड़कों पर अनावश्यक आवागमन नहीं करने की अपील की गई है। फिलहाल सोनहो-मकेर मार्ग पर सामान्य यातायात बहाल होना पानी के बहाव और जलस्तर में कमी पर निर्भर है।