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बीजापुर: सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 35 किलो IED निष्क्रिय, माओवादी स्मारक ध्वस्त
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Thu, 12 Feb 2026 07:59 PM IST
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बीजापुर जिले में माओवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुल 35 किलो वजनी दो IED को निष्क्रिय किया गया तथा माओवादी स्मारकों को ध्वस्त किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना आवापल्ली क्षेत्र में 12 फरवरी को थाना आवापल्ली पुलिस, केरिपु 196 एवं 170वीं वाहिनी की संयुक्त टीम आवापल्ली-मुरदण्डा मार्ग पर डिमाइनिंग ड्यूटी पर निकली थी। इस दौरान बीडी टीम ने मुरदण्डा कैम्प से लगभग 3 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग के किनारे फॉक्सहोल कर करीब 5 फीट अंदर एवं सड़क से 2 फीट नीचे माओवादियों द्वारा प्लांट किया गया लगभग 30 किलोग्राम का IED डिटेक्ट किया।
बताया गया कि माओवादियों ने बड़े वाहनों को निशाना बनाने के उद्देश्य से स्विच सिस्टम के माध्यम से इस IED को सड़क के नीचे लगाया था। IED की गहराई अधिक होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से उसे मौके पर ही नष्ट किया गया। विस्फोट के कारण सड़क पर गहरा गड्ढा हो गया था, जिसे बाद में भरकर आवागमन बहाल कर दिया गया।
इसी प्रकार थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत एफओबी डोडीतुमनार क्षेत्र में केरिपु 153 वाहिनी ने डिमाइनिंग के दौरान माओवादियों द्वारा लगाया गया 5 किलोग्राम का प्रेशर IED डिटेक्ट कर मौके पर ही नष्ट कर दिया।
इसके अतिरिक्त थाना कुटरू क्षेत्रांतर्गत कोबरा 210 वाहिनी ने माओवादी विरोधी अभियान के दौरान माड़ क्षेत्र में इंद्रावती नदी के किनारे वर्ष 2025 में मारे गए कुख्यात माओवादी कमांडर सीसीएम बसवराजू की स्मृति में निर्मित स्मारक को चिन्हित कर पूर्ण रूप से ध्वस्त किया। वहीं थाना गंगालूर क्षेत्र में केरिपु 222 वाहिनी की टीम ने तोड़का–कोरचोली एवं पेद्दाकोरमा के घने जंगलों में सर्चिंग एवं एरिया डॉमिनेशन के दौरान माओवादियों द्वारा बनाए गए अन्य स्मारकों को भी ध्वस्त किया।
सुरक्षा बलों की सतर्कता एवं सूझबूझ से माओवादियों के बड़े हमले की साजिश विफल हुई है। अधिकारियों ने इसे माओवादी संगठन की हिंसक विचारधारा, मनोवैज्ञानिक प्रभाव एवं जनविरोधी प्रचार को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, प्रतीकों एवं अवैध संरचनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है।
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