पद्मविभूषण और प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर एम्स में आज तड़के तीन बजे निधन हो गया। उनके निधन से पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है। वे लंबे समय से बीमार थीं। 27 मई से उन्हें रायपुर एम्स के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था।
तीजन बाई के फेफड़ों में पानी भरने, निमोनिया और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दुर्ग जिले के उनके पैतृक गांव गनियारी में रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दुर्ग सांसद विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाडा और धरसीवा विधायक अनुज शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और कला जगत से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
तीजन बाई को कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री, पद्मभूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से सम्मानित किया जा चुका था। यही कारण रहा कि उनके अंतिम दर्शन के लिए दुर्ग जिले सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हजारों लोग गनियारी पहुंचे।
गनियारी के श्मशान घाट में तीजन बाई को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और दुर्ग सांसद विजय बघेल ने अंतिम यात्रा के दौरान तीजन बाई के साथ बिताए अपने संस्मरण साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया।


