सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर सतर्कता और सूझबूझ का परिचय देते हुए माओवादियों द्वारा लगाए गए एक शक्तिशाली आईईडी को बरामद किया है। नियमित क्षेत्र गश्त के दौरान जवानों को संदिग्ध हलचल का आभास हुआ, जिसके बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान करीब दो किलो वजनी आईईडी बरामद हुआ, जिसे सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निष्क्रिय किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, माओवादियों ने इस आईईडी को जवानों की गश्ती गतिविधियों के साथ-साथ क्षेत्र में जारी निर्माणाधीन सड़क कार्य को प्रभावित करने और नुकसान पहुंचाने की मंशा से लगाया था।
बताया जा रहा है कि गोगुंडा क्षेत्र में हाल ही में सुरक्षा बलों का नया कैंप स्थापित किया गया है। कैंप की स्थापना के बाद इलाके में सुरक्षाबलों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे माओवादी गतिविधियों पर दबाव पड़ा है। इसी दबाव के बीच माओवादी विकास कार्यों को बाधित करने और सुरक्षाबलों की आवाजाही को प्रभावित करने के उद्देश्य से आईईडी जैसे घातक हथकंडों का सहारा ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सड़क निर्माण जैसे बुनियादी ढांचा कार्यों को निशाना बनाकर माओवादी क्षेत्र में विकास की गति को धीमा करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इलाके में लगाए गए आईईडी की चपेट में सुरक्षाबलों के जवान और के-9 वारियर श्वान आ चुके हैं, जिससे इस क्षेत्र में अभियान की संवेदनशीलता और चुनौतियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बावजूद सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे हैं, ताकि आम नागरिकों और विकास कार्यों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
एक ओर सुरक्षा बल माओवादियों के खिलाफ सघन अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण को सुरक्षा प्रदान करना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है। आईईडी जैसे खतरों के बीच यह जिम्मेदारी और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। हालांकि, इन जोखिमों के बावजूद सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी और सक्रियता से गोगुंडा क्षेत्र में बदलाव की तस्वीर धीरे-धीरे उभरती दिखाई दे रही है।