प्रदेश में चल रही मतदाता सूची में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दिसंबर में जारी की गई ड्रॉप सूची पर मुस्लिम समाज ने नाराजगी जताई है। 22 जनवरी गुरुवार को दावा आपत्ति की अंतिम तिथि थी, जिसके चलते समाज के लोगों ने कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि कवर्धा शहर में 400 से अधिक मुस्लिम मतदाताओं के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फॉर्म सात (नाम काटने का फॉर्म) जमा कर दिया गया है।
इस मामले में कवर्धा विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस जारी होने के बाद मुस्लिम समाज में आक्रोश है। समाज के लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने यह शिकायत की है, वह सामने नहीं आ रहा है और उसने फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पर फॉर्म जमा किया है।
चिंताजनक बात यह है कि जिन मुस्लिम मतदाताओं के नाम पर आपत्ति जताई गई है, उनमें कई सरकारी कर्मचारी, बड़े दुकानदार और कृषक शामिल हैं, जिनके पास 100 साल पुराने राजस्व रिकॉर्ड और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मौजूद हैं।
मुस्लिम समाज ने एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सभी आपत्तियों को निरस्त करने और फर्जी शिकायत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, कवर्धा विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी चेतन साहू ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि किसी भी मतदाता का नाम उचित जांच के बिना नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों की गहन जांच की जाए और किसी भी मतदाता का नाम गलत आधार पर न काटा जाए। सभी मतदाताओं के नाम फिलहाल यथावत रहेंगे।