शहर के मठपारा स्थित मुक्तिधाम में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। चौहान परिवार की अस्थियां धोखे से बौद्ध परिवार ने विसर्जित कर दीं। इस घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच गहरा विवाद उत्पन्न हो गया।
रविवार को पंकज चौहान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उसी दिन बौद्ध परिवार में भी एक व्यक्ति का निधन हुआ था। दोनों परिवारों ने मुक्तिधाम में अगल-बगल अंतिम संस्कार किया था। चौहान परिवार ने दो नंबर पर और बौद्ध परिवार ने तीन नंबर पर अंतिम संस्कार किया। तीसरे दिन जब चौहान परिवार अस्थियां उठाने पहुंचा, तो दो नंबर से अस्थियां गायब थीं।
पता चला कि बौद्ध परिवार धोखे से चौहान परिवार की अस्थियां ले जाकर विसर्जित कर चुका था। इस जानकारी के बाद चौहान परिवार ने मुक्तिधाम प्रबंधन समिति पर गंभीर आरोप लगाए। विवाद बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
गलती से बदली दो अस्थियां
अगल-बगल अंतिम संस्कार होने के कारण यह गलती हुई। दोनों परिवारों ने अपने परिजनों का अंतिम संस्कार पास-पास किया था। बौद्ध परिवार ने अनजाने में चौहान परिवार की अस्थियां उठा लीं। उन्होंने उन अस्थियों का विसर्जन भी कर दिया। यह मानवीय भूल विवाद का मुख्य कारण बनी।
पुलिस ने मामला कराया शांत
चौहान परिवार ने अस्थियां गायब होने की जानकारी मुक्तिधाम प्रबंधन को दी। प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी से सीधे हाथ खड़े कर लिए। इसके बाद विवाद और गहरा गया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।