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Statewide Protest by Chhattisgarh Employees and Officers Federation Over 11-Point Demands
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कोंडागांव: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का प्रदर्शन, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 18 Mar 2026 07:48 PM IST
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी महासंघ के आह्वान पर बुधवार को जिले सहित प्रदेशभर में कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन किया। वे अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन के खिलाफ नाराजगी जता रहे थे। कोंडागांव में भी भोजनावकाश के दौरान कर्मचारी जिला एवं विकासखंड स्तर पर एकत्रित हुए।
यह प्रदर्शन महासंघ के जिला संयोजक शिवराज सिंह ठाकुर और उप संयोजक निर्मल शार्दूल के नेतृत्व में हुआ। इसमें विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
महासंघ का कहना है कि वे लंबे समय से पत्राचार और आंदोलन से मांगों से अवगत करा रहे हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदेश के 132 से अधिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाला यह महासंघ अब चौथे चरण के आंदोलन में है। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों की ये हैं प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वर्ष 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान शामिल है। वे चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने की मांग कर रहे हैं। 300 दिनों का अवकाश नकदीकरण भी एक महत्वपूर्ण मांग है। पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। शिक्षकों की सेवा गणना में सुधार भी उनकी मांगों में से एक है।
इसके अतिरिक्त, अनुकंपा नियुक्ति में शर्तों को समाप्त करने की मांग उठाई गई। पंचायत सचिवों के शासकीयकरण की भी मांग की जा रही है। संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुख है। सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।
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