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Demand to Include OBCs in 2027 Census Sarva Pichhda Varg Samaj Submits Memorandum Addressed to President and P
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कोंडागांव: OBC को जनगणना 2027 में शामिल करने की मांग, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज का राष्ट्रपति-PM के नाम ज्ञापन
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 30 Mar 2026 07:38 PM IST
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जनगणना 2026-27 में अनुसूचित जाति (एसी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भी शामिल करने की मांग को लेकर सर्व पिछड़ा वर्ग समाज, जिला कोंडागांव ने सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने अपनी प्रमुख मांगों को गंभीरता से रखने के साथ ही जल्द समाधान की अपेक्षा जताई है।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 22 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं गणना के लिए निर्धारित प्रश्नावली के क्रमांक 12 में केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का ही उल्लेख किया गया है। समाज ने मांग की है कि इस सूची में अन्य पिछड़ा वर्ग को भी स्पष्ट रूप से जोड़ा जाए, ताकि ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आ सके।
इसके साथ ही ज्ञापन में यूजीसी के लिए प्रावधानित नियमावली को तत्काल लागू करने तथा छत्तीसगढ़ राज्य में राजनीतिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के जिलाध्यक्ष रितेश पटेल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वे प्रपत्र में एससी और एसटी के बाद केवल “अन्य” शब्द का उपयोग किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ओबीसी वर्ग को गिनती के योग्य भी नहीं समझ रही है। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी ओबीसी वर्ग की है और उसकी अनदेखी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार नहीं किया तो आने वाले दिनों में सर्व पिछड़ा वर्ग समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नीलकंठ शार्दुल, आईसी निषाद, नरपति पटेल, रैमल दीवान, मनोज देवांगन, अमित गुप्ता, चमन वर्मा, कृष्णा पटेल सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
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