कोंडागांव में वन मंडल कोंडागांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोगरीगुड़ा, बफना, कोकोडी और फरसगांव बीट क्षेत्र के ग्रामीणों ने फॉरेस्ट कर्मचारी हितेश खेलवारे पर अवैध तरीके से पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने वन मंडलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा है कि पी.ओ.आर. (प्रकरण दर्ज) करने और जेल भेजने का भय दिखाकर उनसे नकद राशि ली गई, लेकिन किसी प्रकार की पावती या आधिकारिक रसीद नहीं दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने अपने पट्टे की भूमि या नजूल जमीन पर निजी उपयोग के लिए 1-2 पेड़ काटे थे। इसी मामले को आधार बनाकर बीट गार्ड ने विभागीय कार्रवाई की धमकी दी और कथित रूप से अवैध वसूली की। शिकायत पत्र में उल्लेख है कि रयसिंह नेताम से 20 हजार, रमेश नेताम से 25 हजार, रामलाल सोरी से 10 हजार, मंगल नेताम से 25 हजार, प्रभा नेताम से 30 हजार, कमलेश सोरी से 8 हजार तथा रामेश्वर से 12 हजार रुपये लिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि रकम लेने के बाद भी उन्हें किसी प्रकार की लिखित जानकारी या रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।
जब ग्रामीणों को यह आभास हुआ कि उनसे नियमों की आड़ में अवैध उगाही की गई है, तो वे सामूहिक रूप से वन मंडलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस जवाब या आश्वासन नहीं मिला है। ग्रामीणों ने हितेश खेलवारे को संबंधित बीट से हटाने, कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने और वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
इसी बीच 24 फरवरी की रात लाइवलीहुड कॉलेज चौक पर लकड़ी से लदे एक वाहन (क्रमांक CG 04 NV 6055) को रोकने और अगले दिन छोड़ देने की घटना भी चर्चा में है। नियमों के तहत वाहन को निस्तार डिपो में खड़ा कराया गया था, लेकिन अगले दिन उसे लकड़ी सहित मुक्त कर दिया गया। इस प्रकरण में भी बीट गार्ड सहित डिप्टी रेंजर और रेंजर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ लिया है और क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर विभागीय जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।