कोंडागांव जिला मुख्यालय स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में सांसद महेश कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट 2026 को बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बताया। उन्होंने कहा कि फरवरी-मार्च 2026 सत्र में राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान की दिशा में ठोस पहल है।
सांसद ने बताया कि शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। बस्तर संभाग के जगरमुडा और अबूझमाड़ में एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यालय, आईटीआई, छात्रावास और शिक्षकों के आवास विकसित किए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के तहत 150 स्कूलों के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। साथ ही निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग के लिए 33 करोड़ तथा समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव में दो बैराज तथा 68 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होने की संभावना है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़, कृषि पंप सब्सिडी के लिए 6700 करोड़ और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण के तहत महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अधोसंरचना विकास के अंतर्गत बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के उन्नयन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन और आवास योजनाओं के लिए भी पर्याप्त राशि तय की गई है। सांसद ने कहा कि यह बजट बस्तर के सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगा।