खरगोन में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खरगोन पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी पहले से ही जिला जेल इंदौर में निरुद्ध है। अब तक की जांच में करीब 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है, वहीं प्रारंभिक पूछताछ में ठगी की रकम और अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली खरगोन क्षेत्र के कई नागरिकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय पिता बदामसिंह सोलंकी, निवासी ग्राम कुम्हारखेड़ा, थाना गोगांव, जिला खरगोन ने शेयर मार्केट में निवेश पर 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। इस झांसे में आकर वर्ष 2023 से दिसंबर 2024 के बीच शिकायतकर्ताओं ने अपनी-अपनी राशि आरोपी के साथी गुलाममोईनउद्दीन पिता एमडी माविया के बैंक खातों में जमा कराई।
शुरुआत में कुछ लोगों को आंशिक मुनाफा दिया गया, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। लगातार संपर्क करने पर आरोपी केवल आश्वासन देकर टालमटोल करते रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिट्टू सहगल एवं एसडीओपी रोहित लखारे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली बी.एल. मंडलोई के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने करीब 86 लाख रुपये का गबन किया है। इसके बाद थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
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विवेचना में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी गुलाममोईनउद्दीन वर्तमान में जिला जेल इंदौर में निरुद्ध है, जिसे न्यायालय के आदेश पर फॉर्मल गिरफ्तार किया गया। वहीं सह-आरोपी संजय सोलंकी (41), जो शासकीय माध्यमिक शाला पिपरखेड़ा में शिक्षक के पद पर पदस्थ है, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसका पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
प्राथमिक पूछताछ में संजय सोलंकी ने बताया कि उसके माध्यम से करीब 120 लोग इस निवेश योजना से जुड़े थे और लगभग 7 करोड़ रुपये गुलाममोईनउद्दीन के बैंक खातों में जमा कराए गए। पुलिस आरोपी के कथनों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में थाना कोतवाली पुलिस टीम के उप निरीक्षक राजेन्द्र सिरसाठ, सहायक उप निरीक्षक सुरेश चौहान, प्रधान आरक्षक कृष्णा मुजाल्दे, प्रधान आरक्षक श्याम पंवार एवं संतोष शुक्ला का विशेष योगदान रहा।