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फरीदाबाद: 1500 साल से बसे गांव को बताया अवैध, वन विभाग की तोड़फोड़ कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हुए लोग
प्रशासन की तरफ से अनंगपुर में लिए जा रहे बुलडोजर एक्शन के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने महापंचायत का निर्णय ले लिया है। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता विजय प्रताप ने 13 जुलाई को महापंचायत के आयोजन की घोषणा कर दी है। महापंचायत का आयोजन सूरजकुंड में किया जाएगा। इसमें लाखों लोगों के एकत्रित होने की संभावना जताई जा रही है। इसमें यूपी, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य प्रदेश के लोग शामिल होंगे।अनंगपुर चौक पर पिछले कई दिनों से ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसके बाद भी मंगलवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचकर तीन घरों को तोड़ दिया था। इसके बाद लोगों की तरफ से जमकर विरोध किया गया। ग्रामीणों ने इसको लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर से गुहार लगाई थी। इसके बाद फिलहाल प्रशासन ने तोड़फोड़ का काम रोक दिया है। लेकिन ग्रामीण लिखित में आर्डर की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को अनंगपुर चौक पर एकत्रित हुए मेवला महाराजपुर, लक्कड़पुर और तुगलकाबाद के लोगों ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया। स्थानीय निवासियों की मांग है कि गांव को लाल डोरा में शामिल किया जाए। अनंगपुर के प्रवेश द्वार पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में नोएडा से भी काफी संख्या में लोग पहुंचे। इस मौके पर पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय प्रताप ने कहा कि यह सरकार की मनमर्जी है। उनकी तरफ से गलत तथ्य सुप्रीम कोर्ट में दिया गया। यह वन विभाग की जमीन नहीं है। 1500 साल से बसे गांव को अवैध बताया जा रहा है। इतनी बड़ी आबादी कहां जाएगी, उसकी आजीविका का क्या होगा, इस पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। इस मौके पर यहां पहुंचे किसान मजदूर संघर्ष मोर्चे के अध्यक्ष डॉ विकास प्रधान और जिला उपाध्यक्ष सरोज भाटी ने कहा कि वह गांव के साथ है। महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे लोगों ने बताया कि गांव को बचाने के लिए एकजुट होकर अपनी आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचाएंगे। लोगों ने गांव को लाल डोरा की सीमा में शामिल करने की मांग की।
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