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मंत्री-विधायक से संपर्क...शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या में बड़ा खुलासा!
Video Published by: Pankhudi Srivastava Updated Tue, 12 May 2026 01:22 PM IST
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अयोध्या से गिरफ्तार राज सिंह खुद को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता है। उसका यूपी के कई राजनेताओं के साथ संपर्क होने का पता भी चला है। उसके संबंध प्रदेश सरकार के एक मंत्री, गोंडा के एक राजनेता, जौनपुर के एक विधायक और माफिया से भी बताए जा रहे हैं, जिनके साथ उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
वह पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है। वह बलिया के चिलकहर से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ना चाहता था। उस पर पहले से हत्या का एक मुकदमा चल रहा है। हालांकि राज की मां ने उसे निर्दोष बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता पुलिस ने यूपी के बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह को अयोध्या-बस्ती राजमार्ग से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से उसके दो साथियों मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्या को गिरफ्तार किया है। हत्या के लिए शूटरों का इंतजाम करने और संसाधन मुहैया कराने में राज सिंह की भूमिका सामने आई है। बंगाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात कोर्ट ने पेश किया। कोर्ट ने सभी को 13 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। कोलकाता में 6 मई की रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ की हत्या को अंजाम दिया गया था। कोलकाता पुलिस हत्या के आरोपियों की तलाश में बीते पांच दिन से बिहार और यूपी के पूर्वांचल के जिलों की खाक छान रही थी।
इसी दौरान उसे अयोध्या-बस्ती के एक टोल प्लाजा पर हुए यूपीआई पेमेंट से आरोपियों का सुराग मिला। इसी यूपीआई से हत्या के बाद फरार होने के दौरान एक टोल प्लाजा पर भुगतान किया गया था। राज सिंह बीती सात मई को लखनऊ में आयोजित बलिया निवासी एक एमएलसी की बेटी की शादी में आया था। उसकी मां भी साथ आई थी। स्कॉर्पियो से सभी अंबेडकरनगर गए। इसके बाद अयोध्या दर्शन करने पहुंचे। बलिया वापस जाते समय टोल प्लाजा पर किए गए भुगतान से उनकी पहचान हो गई और पुलिस ने राज को हिरासत में लेकर कोलकाता पुलिस को सूचना दी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि राज इससे पहले कोलकाता कब गया था। चुनाव के दौरान कोलकाता में हुई क्षत्रिय महासभा की बैठक में उसकी मौजूदगी के सुराग भी तलाशे जा रहे हैं।
विशेष जांच दल (एसआईटी) को संदेह है कि हत्या की साजिश कम से कम एक से डेढ़ महीने पहले से रची जा रही थी। बंगाल पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, हत्या की योजना बेहद पेशेवर तरीके से तैयार की गई थी।हमलावरों ने वारदात से पहले चंद्रनाथ की गतिविधियों की रेकी की और अपनी पहचान छिपाने के लिए सावधानियां बरती थीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि साजिश और हत्या को अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों में से एक पेशेवर शूटर हो सकता है। रविवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है।
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