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दिल्ली: एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने को सख्ती, नियमों का उल्लंघन करने वाली 17 परियोजनाओं पर गिरी गाज
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण रोकने के लिए कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 136वीं बैठक में हाल की कार्रवाई और नियमों के पालन की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 14 से 24 जुलाई के बीच एनसीआर में कई स्थानों पर 159 निरीक्षण किए गए, जिनमें कई जगहों पर नियमों का उल्लंघन मिला। आयोग के अनुसार, इस दौरान निर्माण व तोड़-फोड़ (सीएंडडी) परियोजनाओं, औद्योगिक इकाइयों और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों की जांच की गई। कुल 159 निरीक्षणों में 22 निर्माण स्थलों, 97 औद्योगिक इकाइयों और 40 डीजल जनरेटर सेटों का निरीक्षण शामिल था।
निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर 17 परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों को बंद करने की सिफारिश की गई है। इनमें 11 निर्माण परियोजनाएं और छह औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा 11 डीजल जनरेटर सेट सील करने, आठ मामलों में नियमों के पालन के लिए निर्देश जारी करने और पांच मामलों में पर्यावरण मुआवजा लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। बैठक में पिछली समीक्षा के दौरान लिए गए फैसलों की भी जांच की गई। आयोग ने बताया कि सभी मामलों में संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई की है। नियमों का पालन करने के बाद सात इकाइयों और परियोजनाओं को दोबारा काम शुरू करने की अनुमति भी दी गई। इनमें दो औद्योगिक इकाइयां और पांच निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से दो हरियाणा और पांच उत्तर प्रदेश में हैं।
आयोग के अधिकारी ने बताया कि अब तक उसके फ्लाइंग स्क्वॉड एनसीआर में 28,084 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थानों का निरीक्षण कर चुके हैं। इन निरीक्षणों के आधार पर 1,805 बंद करने के आदेश जारी किए गए। इनमें से 1,456 मामलों में नियमों का पालन होने के बाद दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। वहीं, 126 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को भेजा गया है, जबकि 223 मामलों की जांच अभी जारी है। बैठक में सड़कों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में करीब 38 किलोमीटर लंबाई वाले 106 सड़क हिस्सों का निरीक्षण किया गया। गाजियाबाद में सभी सड़कें तय मानकों के अनुसार पक्की मिलीं, जबकि फरीदाबाद और गुरुग्राम में कुछ स्थानों पर काम अधूरा पाया गया। संबंधित नगर निगमों को जल्द जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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