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Crops damaged due to lack of rainfall in Fatehabad; farmers demand the area be declared drought-hit and the procurement of paddy be initiated.
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फतेहाबाद में बारिश की कमी से फसलों को नुकसान, किसानों ने सूखा घोषित करने और धान खरीद शुरू करने की मांग उठाई
फतेहाबाद। जिले में बारिश की कमी के चलते फसलों की पैदावार में आई गिरावट को लेकर खेती बचाओ किसान संघर्ष समिति ने सरकार से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों और किसानों ने मंगलवार को लघु सचिवालय पहुंचकर उपायुक्त विवेक भारती को ज्ञापन सौंपा है। वहीं किसानों ने धान की खरीद शुरू करने की मांग की है।
किसानों ने अनाज मंडी पहुंचकर और यहां नारेबाजी करते हुए धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू करने की मांग उठाई। खेती बचाओ किसान संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चहल ने कहा कि सरकार ने 29 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन मंडियों में किसानों की फसलों की खरीद शुरू नहीं हो सकी है।
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किसानों ने मंडी में पहुंचकर जांची नमी
यूनियन के सदस्यों ने मंडी में पहुंचकर धान की नमी की जांच की। जांच के दौरान धान में नमी करीब 15 प्रतिशत तक पाई गई। किसानों का कहना है कि जब फसल खरीद के निर्धारित नमी 17 फीसदी है तो मानकों के अनुरूप है तो उसकी खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू की जानी चाहिए, ताकि किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े।
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28 क्विंटल की खरीद को बढ़ाने की मांग
राजेंद्र चहल ने प्रति एकड़ 28 क्विंटल धान की खरीद की सीमा निर्धारित किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रति एकड़ 28 क्विंटल की सीमा किसानों के हित में नहीं है और इससे अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा किसानों को पोर्टल पर वेरिफिकेशन नहीं होने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पोर्टल संबंधी तकनीकी दिक्कतों को दूर कर किसानों की फसल की खरीद सुचारु करवाने की मांग की। इस दौरान जिला प्रधान मदन बिजारनिया, सुरेंद्र जाखड़, छेलू राम, रविंद्र कड़वासरा सहित कई किसान मौजूद रहे।
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