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Electricity employees begin sit-in protest in Tohana; warn of strike starting August 11 against privatization.
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टोहाना में बिजली कर्मचारियों का धरना शुरू, निजीकरण के विरोध में 11 अगस्त से हड़ताल की चेतावनी
टोहाना। सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार से टोहाना के XEN कार्यालय के बाहर तीन दिवसीय यूनिट स्तरीय धरना और विशाल विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जो 3 से 5 अगस्त तक चलेगा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय के बाहर जुटे। हाथों में "कर्मचारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है" और "हमारा अधिकार हमारी लड़ाई" लिखे बैनर लेकर कर्मचारियों ने "निजी कम्पनी मुर्दाबाद, प्रदेश सरकार मुर्दाबाद, हरियाणा सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाए।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने और स्मार्ट मीटर योजना लागू करने की आड़ में पूरे सिस्टम को प्राइवेट करना चाहती है। इससे कर्मचारियों की छंटनी होगी और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जाएगा।
प्रदर्शन में वर्कर यूनियन, महासंघ यूनियन और इंजीनियर एसोसिएशन सहित चारों यूनियन एक साथ नजर आईं। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार दबाव की नीति अपना रही है और कर्मचारियों के हकों पर डाका डाल रही है।
यूनियन प्रधान रामनिवास ने कहा, "सरकार अगर हमारी मांगें नहीं मानती तो यह सिर्फ शुरुआत है। 3, 4, 5 अगस्त को यूनिट स्तर पर प्रदर्शन के बाद 6, 7, 8 अगस्त को भी कार्यक्रम तय किए गए हैं। अगर तब तक भी सरकार नहीं चेती तो 11, 12, 13 अगस्त को बड़ा हड़ताल किया जाएगा।"
उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस लड़ाई में सभी कर्मचारी एकजुट हैं और निजीकरण का फैसला वापस न लिए जाने तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि निजीकरण के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए। धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।
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