Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Fatehabad News
›
Tohana: Proposal to replace drinking water pipeline in Samain stalled for 7 months; children falling ill due to contaminated water.
{"_id":"6a54ade426e55f525f0185fe","slug":"video-tohana-proposal-to-replace-drinking-water-pipeline-in-samain-stalled-for-7-months-children-falling-ill-due-to-contaminated-water-2026-07-13","type":"video","status":"publish","title_hn":"टोहाना :समैन में 7 महीने से लटका पीने की लाइन बदलने का प्रस्ताव, गंदे पानी से बीमार हो रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टोहाना :समैन में 7 महीने से लटका पीने की लाइन बदलने का प्रस्ताव, गंदे पानी से बीमार हो रहे बच्चे
महासंग्राम योजना के तहत आने वाले गांव में पाइपलाइन बदलने की मांग, सरपंच ने अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
टोहाना। महासंग्राम योजना के तहत आने वाले गांव समैन में पिछले कई महीनों से गंदा पानी आने की समस्या से लोग परेशान हैं। 18 से 20 हजार की आबादी वाले इस गांव में 25 साल पुरानी पाइपलाइन बार-बार लीक हो रही है, जिससे घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। यह योजना महाग्राम योजना के तहत आ रहा है।
गांव के सरपंच रणबीर गिल ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत ने 17 नवंबर 2025 को पंचायत विभाग के डिस्पैच नंबर के साथ प्रस्ताव भेजा था, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी एस्टीमेट तक नहीं बना है।
रणबीर गिल ने बताया, "गांव में पीने का पानी पूरा है। असली समस्या पाइपलाइन लीकेज की है। हमने 'जल बचाओ' मुहिम चलाई, लोग सहयोग भी कर रहे हैं। लेकिन जब घरों में गंदा पानी आता है और बच्चे बीमार होते हैं, तो लोग पूछते हैं कि एक तरफ पानी बचाने को कहा जाता है, दूसरी तरफ गंदा पानी क्यों दिया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि छोटे कर्मचारी लीकेज ठीक करने आते हैं, लेकिन अगले दिन दूसरी जगह से पानी लीक होने लगता है। "एस्टीमेट बनाने में कितना समय लगता है? अधिकारी गौर ही नहीं कर रहे। जब तक एस्टीमेट नहीं बनेगा, हम सरकार और नेताओं से पाइपलाइन बिछवाने की बात कैसे करेंगे," सरपंच ने सवाल उठाया।
रणबीर गिल के अनुसार अभी तक किसी भी अधिकारी का फोन नहीं आया। जेई से पूछने पर जवाब मिलता है कि एस्टीमेट बना ही नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में एस्टीमेट नहीं बना तो गांव वाले इकट्ठा होकर अगला फैसला लेंगे।
सरपंच ने सरकार से मांग की कि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि हर गांव में साफ पानी पहुंचे। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ समैन की समस्या नहीं है। कैथल के एक गांव में 70% बच्चे बीमार हैं। विभाग का फर्ज है कि पंचायत के प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई हो। मंत्री रणबीर गंगवा टोहाना के प्रभारी हैं, उनसे भी पूछा जाना चाहिए कि अधिकारी क्यों ध्यान नहीं दे रहे।"
गांव वाले अब बरसात से पहले नई पाइपलाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं, ताकि हर घर तक स्वच्छ जल पहुंच सके। इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता शशिकांत ने बताया कि उनके पास प्रस्ताव को लेकर कोई सूचना नहीं है, जल्द एस्टीमेट बनाकर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।