Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Kaithal News
›
Kaithal: Jeweller arrested for fabricating a fake extortion plot to secure police protection.
{"_id":"6a4513186d34e76d3e0bccc1","slug":"video-kaithal-jeweller-arrested-for-fabricating-a-fake-extortion-plot-to-secure-police-protection-2026-07-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"कैथल : पुलिस सुरक्षा के लिए रंगदारी की झूठी साजिश रचने वाला ज्वेलर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैथल : पुलिस सुरक्षा के लिए रंगदारी की झूठी साजिश रचने वाला ज्वेलर गिरफ्तार
संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। पूंडरी क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (एसडीयू) ने मामले में शिकायतकर्ता फतेहपुर पूंडरी निवासी ज्वेलर रवि वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस अनुसार जांच में सामने आया कि उसने पुलिस सुरक्षा हासिल करने के उद्देश्य से अपने साथी से विदेशी व्हाट्सएप नंबर के जरिए खुद को रंगदारी की धमकी दिलवाई थी।
--------
एसडीयू प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि रवि वर्मा ने 16 जून को शिकायत देकर कहा था कि 13 जून को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें जान से मारने की धमकी देते हुए दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। 28 जून को एसडीयू ने राजौंद क्षेत्र से सिरसल निवासी देवेंद्र को अवैध देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जिस बारे थाना राजौंद में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट तहत प्राथमिकी दर्ज करके व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का न्यायालय से तीन दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी देवेंद्र के खिलाफ पूर्व में आर्म्स एक्ट, लूट एवं हत्या जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित 11 प्राथमिकी दर्ज हैं। पूछताछ दौरान आरोपी देवेंद्र ने कबूल किया की उसने विदेशी व्हाट्सएप नंबर से ज्वेलर्स रवि के पास रंगदारी की कॉल खुद के कहने पे की गई थी। जिसके लिए रवि ने उसे पैसे दिए थे। इस प्रकार आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने एवं सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का प्रयास किया। मामले में पुलिस ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लोगों से की अपील
इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने लोगों से अपील की कि झूठी शिकायत, फर्जी धमकी या मनगढ़ंत सूचना देकर पुलिस को गुमराह न करें। इससे पुलिस का बहुमूल्य समय और संसाधन व्यर्थ होते हैं तथा वास्तविक पीड़ितों तक समय पर सहायता पहुंचाने में बाधा आती है। उन्होंने कहा कि किसी भी वास्तविक खतरे की स्थिति में पुलिस को सही और सत्य जानकारी दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।