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Mahendragarh/Narnaul News
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17 Zila Parishad members, including the Zila Pramukh, boycotted the House meeting in Narnaul. 300 proposals are pending, and development works worth crores of rupees are stalled.
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नारनौल में जिला प्रमुख समेत 17 जिला परिषद पार्षदों ने हाउस बैठक का किया बहिष्कार 300 प्रस्ताव लंबित, करोड़ों रुपये के विकास कार्य अटके
नारनौल। जिले में विकास कार्यों को लेकर की जा रही देरी और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में सोमवार को जिला परिषद की प्रस्तावित बैठक उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब जिला परिषद के 17 पार्षदों ने सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार कर दिया।
जिला परिषद के कुल 19 सदस्यों में से 17 पार्षद बैठक में पहुंचे, लेकिन कार्यवाही में शामिल होने के बजाय उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रमुख राकेश कुमार भी पार्षदों के साथ बहिष्कार में शामिल रहे। पार्षदों का कहना था कि पिछली बैठकों में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर लिए गए निर्णयों के बावजूद धरातल पर काम आगे नहीं बढ़ रहा है। उनके अनुसार करीब 300 विकास प्रस्ताव लंबित हैं, जिनकी अनुमानित लागत 50 से 60 करोड़ रुपये है।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि कई विकास कार्यों के बिल पिछले दो वर्षों से लंबित पड़े हैं, जबकि जनवरी के बाद से कोई नया कार्य स्वीकृत नहीं हुआ है। पिछले छह माह में एक भी नया विकास कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास प्रभावित हो रहा है।
पार्षदों ने बैठक में विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि केवल पंचायत अधिकारियों को छोड़कर अन्य विभागों के अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहते हैं जिससे विकास प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। पार्षदों ने कहा कि जब अधिकारी ही बैठक में मौजूद नहीं होंगे तो जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों और प्रस्तावों पर कार्रवाई कैसे होगी।
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