Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Panipat News
›
Angel and Sophie, twin sisters from Panipat, have made a mark on the international stage; upon arriving in Jind, they delivered a message regarding this issue.
{"_id":"6a6dc7b404941054520cf403","slug":"video-angel-and-sophie-twin-sisters-from-panipat-have-made-a-mark-on-the-international-stage-upon-arriving-in-jind-they-delivered-a-message-regarding-this-issue-2026-08-01","type":"video","status":"publish","title_hn":"पानीपत की जुड़वा बहन एंजेल और सोफी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, जींद पहुंच कर इस मुद्दे पर दिया संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानीपत की जुड़वा बहन एंजेल और सोफी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, जींद पहुंच कर इस मुद्दे पर दिया संदेश
हरियाणा पुलिस में एसीपी नरेश अहलावत और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अलका अहलावत की जुड़वा बेटियां एंजेल और सोफी ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
पानीपत की रहने वाली दोनों बहनों ने 15 वर्ष की आयु में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम का रुख किया। जींद आई दोनों बहनों ने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और सम्मानजनक संवाद बनाए रखने का संदेश दिया। एंजेल अहलावत ने यूनिवर्सिटी ऑफ सरे में क्रिमिनोलॉजी विद फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन की पढ़ाई के दौरान मात्र 16 वर्ष की उम्र में स्टूडेंट्स यूनियन की सोसायटीज चेयर का चुनाव जीता। उन्होंने चीन, यूरोप सहित कई देशों के उम्मीदवारों को करीब 800 वोटों के अंतर से हराया।
इस पद पर रहते हुए वह करीब 16 हजार छात्रों और 150 से अधिक छात्र सोसायटियों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। एंजेल यूके संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारत का पक्ष रख चुकी हैं। वह इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स एसोसिएशन यूके की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं और भारत-यूके शैक्षणिक सहयोग से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
वहीं, उनकी जुड़वा बहन सोफी अहलावत लंदन में एयरो स्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। उनका चयन इसरो के आजादी सैट-2 कार्यक्रम के लिए हुआ है तथा वह इंडो-जर्मन इंटरनेशनल कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी है।
लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार
दोनों बहनों ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।