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Villagers of Naultha demand a bridge on pillars; state they will not allow a bridge built on an earthen embankment.
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नौल्था के ग्रामीणों ने पिलर पर पुल की उठाई मांग, बोले मिट्टी पर पुल नही बनने देंगे
नौल्था (इसराना)। नौल्था गांव के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर गांव में प्रस्तावित मिट्टी आधारित पुल का विरोध किया है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पिलर आधारित पुल के सिवाय कोई दूसरा पुल नहीं बनने देंगे। ग्रामीणों के आगे अंग्रेजी हुकूमत तक को राजी होना पड़ा था। प्रशासन या नेशनल हाईवे ने अनदेखा किया तो ग्रामीण हाईवे बंद करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने यह बड़ी समस्या अमर उजाला के चौपाल कार्यक्रम में प्रमुखता के साथ उठाई। अमर उजाला द्वारा चौपाल कार्यक्रम ग्राम पंचायत सरपंच बलराज जागलान के कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत सरपंच बलराज जागलान ने की। पंचायत समिति के प्रतिनिधि संदीप शर्मा सोनू और पंचायत समिति सदस्य रिंकू विशेष रूप से शामिल हुए।
ग्राम पंचायत सरपंच बलराज जागलान ने कहा कि ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गांव को गोद ले रखा है। ऐसे में गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था है। तालाब बेहतर बनाए जा रहे हैं। अब महिला चौपाल और डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी। एनएचएआई द्वारा गांव में मिट्टी आधारित पुल बनाने का प्रस्ताव है। एनएचएआई हाईवे पर अपनी मर्जी से कट दे रहा है। वाहन चालक शार्ट कट के चक्कर में उल्टी दिशा में आएंगे। इससे हादसे कम होने की बजाय और बढ़ जाएंगे। ग्रामीण गांव में पिलर आधारित पुल की मांग कर रहे हैं और इसके लिए एकजुट हैं। उन्होंने पिछले दिनों उपायुक्त से मिलकर अपनी मांग रखी थी। उपायुक्त ने ग्रामीणों को पिलर आधारित पुल का भरोसा दिया था, लेकिन एनएचएआई के अधिकारी इस दिशा में काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के सामने भी समस्या रखी है। गांव में आठ एकड़ में स्टेडियम प्रस्तावित है। इसका निर्माण कार्य जल्द कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने 25 ग्रामीणों की जांच की
स्वास्थ्य विभाग ने एमपीएचडब्ल्यू जगबीर सिंह और स्वास्थ्य कर्मी सोनू शामिल हुए। उन्होंने 25 लोगों की स्वास्थ्य जांच की। जगबीर सिंह ने कहा कि गांव का लिंगानुपात बेहतर है। यहां पिछले साल 60 लड़कों पर 72 लड़कियों ने जन्म लिया है। गांव टीबी मुक्त है और पिछले साल टीबी मुक्त पंचायत का सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि आज बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने घरों के फ्रीज व कूलर की सप्ताह में एक बार अच्छी तरह से सफाई करनी चाहिए। कहीं पर भी पानी जमा न होने दें। किसी प्रकार का बुखार होने पर सरकारी अस्पताल में जांच कराकर दवा लेनी चाहिए।
सुभाष जागलान
रणबीर सिंह ने बताया कि गांव में व्यायामशाला नहीं है। ऐसे में महिला और पुरुष व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं। यह बड़ी समस्या है। इसके लिए काम करने की जरूरत है। पंचायत विभाग या आयुष विभाग को आगे आकर व्यायामशाला बनानी चाहिए।
चंद्र सिंह जागलान ने बताया कि गांव के युवा खेलों में आगे हैं, लेकिन गांव में स्टेडियम नहीं है। ग्राम पंचायत इसके लिए आठ एकड़ जमीन दे चुकी है। इसके बाद भी स्टेडियम नहीं बनाया जा सका है। ऐसे में युवा सड़क और दूसरे मैदानों पर अभ्यास करने को मजबूर हो रहे हैं।
राजेंद्र जागलान ने बताया कि गांव में खेतों के रास्ते कच्चे हैं। नौल्था क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव है। अब बारिश के दिनों कीचड़ के चलते खेतों में जाना मुश्किल हो जाता है। गांव के खेतों के रास्तों को पक्का किया जाना चाहिए। किसानों की सुविधा पर काम करने की जरूरत है।
पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि संदीप शर्मा ने बताया कि गांव में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत के साथ मिलकर आगे भी काम कराए जाएंगे। ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधा पर विशेष ध्यान है।
मनोज जागलान ने बताया कि गांव में हादसों को रोकने के लिए पुल बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन इसका डिजाइन गलत है। ग्रामीण पिलर आधारित पुल की मांग कर रहे हैं। ऐसा नहीं किया तो ग्रामीण पुल नहीं बनने देंगे। वे इसके लिए एकजुट हैं।
कोट्स फोटो
ओमपती ने बताया कि गांव में महिला चौपाल नहीं हैं। ऐसे में महिला किसी प्रकार की बैठक या सभा नहीं कर पाती हैं। सरकार ने महिलाओं को चुनाव में आरक्षण दिया है। ऐसे में गांव में महिला चौपाल भी होनी चाहिए।
कोट्स फोटो
प्रेमो देवी ने बताया कि महिलाओं के बिना समाज पूरा नहीं हैं। ऐसे में महिलाओं को उनके अधिकार दिए जाने चाहिए। पुरुष प्रधान समाज में आज भी महिलाओं को पूरा अधिकार नहीं मिल पाया है। सरकार को इसके लिए काम करना चाहिए।
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