बालाघाट के बहुचर्चित चावल घोटाले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में एसआईटी की टीम ने शुक्रवार देर शाम पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों एक राइस मिल में कुछ हिस्सेदारी (पार्टनर) रखते थे। दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
अब तक 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर
बालाघाट चावल घोटाले का मामला सामने आने के बाद लगातार जांच की मांग उठ रही थी। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई और एसआईटी ने कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचने का सिलसिला शुरू किया। अब तक 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।
शुक्रवार को भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे अविनाश कावरे और गोपाल ठाकुर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब एसआईटी इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
5,000 मीट्रिक टन से अधिक चावल की हेराफेरी का मामला
बालाघाट चावल घोटाले का मामला तीन जून को वारासिवनी में सामने आया था। जांच में सामने आया कि बड़ी मात्रा में चावल की खपत छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एथेनॉल प्लांट सहित विभिन्न स्थानों पर की गई थी। 5000 मीट्रिक टन से अधिक चावल की हेराफेरी से यह मामला जुड़ा हुआ है।
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1,100 करोड़ रुपये के घोटाले की खबरें भ्रामक
इसके बाद बालाघाट पुलिस अधीक्षक ने कहा था कि मामले को लेकर 1,100 करोड़ रुपये के घोटाले की खबरें भ्रामक हैं। उनके अनुसार, यह मामला लगभग 500 करोड़ रुपये का है। हालांकि, जांच लगातार आगे बढ़ रही है और नए-नए नाम सामने आने की संभावना बनी हुई है। इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। अब देखना होगा कि एसआईटी की टीम आगे किन लोगों को गिरफ्तार करती है।