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Bilaspur News: 40 साल से पुल का इंतजार, झूले के सहारे 500 ग्रामीण
झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत घंडीर के दधोग, कुजैल और टप्पे गांवों के लोगों के लिए विकास की तस्वीर आज भी अधूरी है। करीब 500 की आबादी वाले इन गांवों के ग्रामीण पिछले करीब 40 वर्षों से सरयाली खड्ड पर स्थायी पुल बनने का इंतजार कर रहे हैं। पुल के अभाव में ग्रामीणों को खड्ड पार करने के लिए लोहे के झूले का सहारा लेना पड़ रहा है।
बरसात में सरयाली खड्ड का जलस्तर बढ़ते ही ग्रामीणों की मुश्किल कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में झूला ही आवाजाही का प्रमुख साधन रह जाता है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में खड्ड पार कर रहे लोगों का झूला बीच रास्ते में अचानक अटक गया। काफी मशक्कत के बाद झूला दोबारा चल सका और उसमें सवार लोग सुरक्षित दूसरी तरफ पहुंच पाए। झूला रुकने के दौरान उसमें बैठे लोगों के बीच डर का माहौल रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इस तरह खड्ड पार करवाना बेहद जोखिम भरा है। तेज बहाव के ऊपर झूले में फंस जाने की स्थिति में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों के अनुसार यह झूला उनके लिए सुविधा नहीं, बल्कि मजबूरी है।
गांवों को जोड़ने के लिए वर्ष 2014 में करीब चार किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग बनाया गया था, लेकिन इसे पक्का नहीं किया गया। बरसात के दौरान सड़क की हालत खराब हो जाती है। वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान यह संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गईं।
इसके बाद ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर घंडीर से टप्पे और दधोग तक कच्चा रास्ता तैयार किया, लेकिन बरसात में इसकी हालत भी खराब हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने से रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों के अनुसार खड्ड का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षित आवाजाही का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। ऐसे में लोगों को लोहे के झूले का सहारा लेना पड़ता है। झूला खड्ड के बीच में रुक जाए तो नीचे तेज बहाव और ऊपर फंसे लोगों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सरयाली खड्ड पर स्थायी पुल बनाने तथा संपर्क मार्ग को पक्का करने की मांग की है। उनका कहना है कि चार दशक से इंतजार के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अब ग्रामीण झूले के बजाय सुरक्षित पुल और बेहतर सड़क सुविधा चाहते हैं।
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