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Kangra News: विदेशी कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ किसान सभा की धर्मशाला में रैली
Ankesh Dogra
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:50 PM IST
हिमाचल किसान सभा की जिला कांगड़ा कमेटी ने संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर सोमवार को धर्मशाला में रैली निकाली। पोस्ट ऑफिस से शुरू हुई रैली उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
रैली का नेतृत्व राज्य कमेटी सदस्य शोकीनी कपूर, जिला अध्यक्ष जगदीश जग्गी, धर्मशाला ब्लॉक अध्यक्ष प्रताप सिंह और राजा का तालाब से साहित्यकार पंकज दर्शी ने किया।
किसान सभा के नेताओं ने कहा कि दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संगठनों के अधिवेशन में किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि अधिवेशन में विदेशी कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ ‘भारत छोड़ो’ का आह्वान करने का संयुक्त फैसला लिया गया।
किसान सभा ने हिमाचल में किसानों के पुश्तैनी कब्जों को नियमित करने, वन संरक्षण कानून-1980 में संशोधन करने और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की।
सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन तय करने और मनरेगा में सालाना 200 दिन रोजगार देने की मांग की। मनरेगा में 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।
इसके अलावा एफसीआई को मजबूत करने, खाद्य गोदामों के निजीकरण पर रोक लगाने, कृषि क्षेत्र में एफडीआई पर रोक, खाद की कमी और कालाबाजारी खत्म करने तथा किसानों के लिए सार्वजनिक फसल एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा देने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही बाढ़ और सूखा प्रभावितों को राहत, शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक, बिजली विधेयक-2025 को रद्द करने और स्मार्ट मीटर की जबरन स्थापना बंद करने की मांग की गई।
रैली के बाद किसान सभा की ओर से उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा गया।
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