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Video: ज्वालाजी में आर्मी एजुकेशन राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के पूर्व सैनिक जुटे
ज्वालामुखी में भारतीय सेना की आर्मी एजुकेशन कॉर्प्स (एईसी) के पूर्व सैनिकों का छठा दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन विधिवत रूप से आरंभ हो गया। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में एईसी वेटरन्स पूर्व सैनिक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में सूबेदार मेजर अरुण कुमार सिंह, कैप्टन उमेश कुमार, अंजना कुमारी सहित विभिन्न राज्यों से आए पूर्व सैनिकों ने सेना शिक्षा कोर की ऐतिहासिक भूमिका और उसके गौरवशाली योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि एईसी ने न केवल सैनिकों को शिक्षित और प्रशिक्षित किया, बल्कि नेतृत्व क्षमता विकसित कर सेना की कार्यकुशलता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों के बीच आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस रणनीति तैयार करना तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श करना है। पहले दिन आयोजित सत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उपाय, युवाओं के नैतिक एवं नेतृत्व विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास तथा समाज में जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सैन्य अनुशासन और शिक्षण पद्धति को समाजहित में प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि सैनिक भी हम, शिक्षक भी हम का उद्घोष एईसी की बहुआयामी भूमिका को दर्शाता है। सेवानिवृत्ति के बाद भी एईसी के पूर्व सैनिक शिक्षा के प्रसार, युवाओं के मार्गदर्शन और पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। ज्वालाजी में आयोजित यह सम्मेलन पूर्व सैनिकों के पुनर्मिलन के साथ-साथ समाज निर्माण की दिशा में एक सशक्त पहल माना जा रहा है। शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया जा रहा है।
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