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Rampur Bushahr: पूर्व पंचायत प्रधान नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार, 20 साल की जेल; 10 हजार रुपये का जुर्माना भी
Ankesh Dogra
Updated Tue, 30 Jun 2026 04:23 PM IST
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रामपुर बुशहर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो अदालत) किन्नौर ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में पूर्व पंचायत प्रधान किशोरी लाल को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी किशोरी लाल रामपुर की एक पंचायत का प्रधान था। किशोरी लाल ने 21 सितंबर 2025 को 13 वर्षीय पीड़िता को स्कूल जाते समय रोका था। पीड़िता आठवीं कक्षा में पढ़ती थी और अपनी नानी के साथ रहती थी। आरोपी ने पीड़िता के गले में पहनी रुद्राक्ष की माला के बारे में पूछा और उसे छुआ। उसी शाम, आरोपी ने पीड़िता की सहेली को रोका। उसने सहेली को बताया कि बाल पीड़िता के गले में पहनी हुई माला को छूने पर उसे झटका लगा था। आरोपी ने तांत्रिक विद्या का डर दिखाया। उसने कहा कि माला का मंत्रों से इलाज कराना होगा, अन्यथा पीड़िता के परिवार वाले मर जाएंगे। प्रधान की ओर से कहीं गईं यह बातें बाद में सहेली ने पीड़िता को बताई। 15 अक्तूबर 2025 को आरोपी किशोरी लाल ने पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसे पानी पिलाया। उसने पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाने को कहा, लेकिन जब वह जाने लगी तो आरोपी ने उसे खींचकर दुष्कर्म किया। किशोरी लाल तांत्रिक विद्या का डर दिखाकर पीड़िता को गलत काम करने के लिए मजबूर कर रहा था। वह पीड़िता को उससे प्यार करने और फोन पर बात करने के लिए भी कहता था। अंततः, पीड़िता ने अपनी नानी को आपबीती सुनाई, जिन्होंने उसके माता-पिता को बताया और फिर मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज किए। सभी गवाहों के साक्ष्य और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सही पाए गए। अपराध की पुष्टि राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेजे गए नमूनों में भी हुई। अदालत ने सभी आरोपों को सही मानते हुए किशोरी लाल को दोषी करार दिया। सरकार की ओर से उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने मुकदमे की पैरवी की।
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