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Bihar Election 2025: Bihar Congress President Rajesh Ram gave this blunt answer on seat sharing
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Bihar Election 2025: बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने सीटों के बंटवारे पर दिया ये दो टूक जवाब
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sun, 21 Sep 2025 03:59 AM IST
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, "सीटों के बंटवारे का काम अभी चल रहा है. यहां हमारी चुनाव समिति की बैठक हुई। सभी प्रभारी, CLP नेता शकील अहमद खान, CLP मदन मोहन झा और अजय माकन के नेतृत्व में, हर चीज़ की समीक्षा की गई. सबकी राय ली गई.अलग-अलग सीटों और उम्मीदवारों पर सभी से चर्चा हुई। हम आंतरिक लोकतंत्र का भी पालन करते हैं। हमारी पार्टी की एक लंबी प्रक्रिया है। ज़िला अध्यक्ष, महासचिव, राज्य चुनाव समिति से लेकर केंद्रीय चुनाव समिति तक, सभी स्तरों पर चर्चा होगी.सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई
राजेश राम ने अपने बयान में कहा, "सीटों के बंटवारे का काम अभी चल रहा है," जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न सहयोगी दलों के बीच सीटों का अंतिम फॉर्मूला अभी तय नहीं हुआ है। यह बयान बिहार में राजनीतिक सरगर्मी के बीच आया है, जहां सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) और विपक्षी महागठबंधन अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार, महागठबंधन में इस बार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के अलावा कई अन्य छोटे दल भी शामिल हैं, जिससे सीटों का बंटवारा एक जटिल प्रक्रिया बन गया है। ऐसी खबरें भी हैं कि राजेश राम की अपनी विधानसभा सीट कुटुंबा को लेकर भी गठबंधन के भीतर खींचतान चल रही है, जिस पर आरजेडी ने भी अपना दावा पेश किया है।
हालांकि, राजेश राम ने विश्वास जताया है कि सभी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा और महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगी दल मिलकर बैठेंगे और जल्द ही सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में सभी सहयोगियों को सम्मानजनक स्थान देने का प्रयास किया जा रहा है।
महागठबंधन में सीटों के लिए मची रार का यह एकमात्र उदाहरण नहीं। आधी से अधिक सीटों पर यही खींचतान है और इसका महत्वपूर्ण कारण कांग्रेस द्वारा की जा चुकी मजबूत और कमजोर सीटों की पहचान है। अब तक यह पहचान एकमात्र राजद और माले को थी। समझौते की मेज पर कांग्रेस गच्चा खाती रही। अब उसने साफ कह दिया है कि ऐसा नहीं हो सकता कि सभी मजबूत सीटें एक दल को मिलें और कमजोर दूसरे को बंटवारा बराबर का होगा। अंदरखाने राजद की बेचैनी बढ़ी हुई है। कांग्रेस को पर्याप्त संख्या में पसंदीदा सीटें चाहिए। उसकी पसंद सहयोगी दलों, विशेषकर राजद की पसंद से टकरा रही। इसलिए सीट बंटवारे की जो बात 15 सितंबर से शुरू होने वाली थी, वह नवरात्र तक के लिए टल गई है।
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