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Owaisi on Amir Khan Muttaqi Deoband visit: AIMIM leader made a big demand regarding the relations between the
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Owaisi On Amir Khan Muttaqi Deoband Visit: AIMIM नेता ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर की बड़ी मांग
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: अभिलाषा पाठक Updated Sun, 12 Oct 2025 09:18 AM IST
अफगानिस्तान के तालिबानी शासन के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इस समय में हैं। और उनकी भारत यात्रा के दौरान AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने तालिबान और भारत के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। ओवैसी ने साफ कहा कि भारत को तालिबान के साथ रिश्ते मजबूत करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बातचीत करना तो बहुत कम है। ओवैसी ने कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए काबुल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने चाहिए। न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में ओवैसी ने कहा कि 2016 में अपने संसदीय भाषण के दौरान उन्होंने भविष्यवाणी कर दी थी कि अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी होगी। उन्होंने दोनों देशों के बीच बातचीत की वकालत बहुत पहले ही कर दी थी। ये भी कहा कि तब तालिबान से बातचीत के सुझाव पर भाजपा के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
ओवैसी ने आगे कहा कि मैंने 2016 में संसद में खड़े होकर कहा था कि तालिबानी आएंगे। उनसे बात करनी चाहिए। आज देखिए उनके विदेश मंत्री यहां हैं और पाकिस्तानी वायुसेना वहां बमबारी कर रही है। क्या आप देख रहे हैं कि यह कैसे चल रहा है? हमें पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने चाहिए। देश की सुरक्षा और भू-राजनीतिक हितों के लिए हमारी वहां उपस्थिति महत्वपूर्ण है। हमारे पूर्ण राजनयिक संबंध होने चाहिए।ओवैसी ने ईरान में चाबहार बंदरगाह के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत वहां से अफगानिस्तान तक एक मार्ग स्थापित कर सकता है, जिससे चीन और पाकिस्तान के मुकाबले भारत की स्थिति मजबूत होगी। ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत की अफगानिस्तान नीति समीक्षा के घेरे में है।भारत और अफगानिस्तान के साझा बयान से पाकिस्तान तिलमिला उठा है। शनिवार को इस्लामाबाद ने अफगानिस्तान के राजदूत को तलब कर संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर का जिक्र होने पर सख्त आपत्ति जताई। पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है। दरअसल, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी इन दिनों छह दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।
इस दौरान भारत और अफगानिस्तान के बीच एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए अफगानिस्तान ने भारत की जनता और सरकार के प्रति संवेदना और एकजुटता व्यक्त की।इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि उसने अफगान दूत को बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाक विदेश कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अतिरिक्त विदेश सचिव (पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान) ने संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने पर पाकिस्तान की गहरी आपत्तियां अफगान राजदूत को बताईं।
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