भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला शुक्रवार शाम को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से इसरो के वैज्ञानिकों और स्कूल छात्रों से हैम रेडियो के जरिए बातचीत करेंगे। यह बातचीत बंगलूरू स्थित यू आर राव उपग्रह केंद्र (यूआरएससी) में एक टेलीब्रिज के माध्यम से होगी। टेलीब्रिज एक प्रकार की दूरसंचार प्रणाली होती है, जिसमें धरती पर स्थित एक ग्राउंड स्टेशन किसी उपग्रह या अंतरिक्ष यान से संपर्क स्थापित करता है और फिर उस सिग्नल को टेलीफोन या इंटरनेट के माध्यम से किसी अन्य स्थान तक पहुंचाता है।
यह कार्यक्रम'अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर शौकिया रेडियो' (एआरआईएसएस) के जरिए आयोजित किया जाएगा। एआरआईएसएस को आमतौर पर हैम रेडियो कहा जाता है। इस कार्यक्रम में छात्रों को अंतरिक्ष में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों से संवाद करने का मौका मिलेगा। शुक्ला इस समय एक्सिओम-4 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 14 दिन की वैज्ञानिक यात्रा पर हैं।
एआरआईएसएस पहल का मकसद दुनियाभर के छात्रों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) के क्षेत्र में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल में छात्र हैम रेडियो की मदद से आईएसएस पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। एआरआईएसएस ने एक्स पर लिखा, भारत से संपर्क होने वाला है! एक्सिओम-4 मिशन के चालक दल के सदस्य शुभांशु शुक्ला (वीयू2टीएमआई) हैम रेडियो के जरिए यू आर राव उपग्रह केंद्र से बातचीत करेंगे। यह संपर्क शुक्रवार, 4 जुलाई को भारतीय समय अनुसार शाम 3:47 बजे पर के6डीयूई टेलीब्रिज के जरिए होगा।
हैम रेडियो एक गैर-व्यावसायिक रेडियो सेवा है, जिसे वही लोग संचालित कर सकते हैं, जो प्रशिक्षित हैं और जिनके पास लाइसेंस हैं। आपातकाल या आपदा की स्थिति में जब अन्य संचार सेवाएं बंद हो जाती हैं, तब हैम रेडियो बेहद उपयोगी साबित होता है। इस बीच, शुभांशु शुक्ला रविवार को आईएसएस पर स्पेस माइक्रोएल्गी प्रयोग में व्यस्त थे। उन्होंने प्रयोग के लिए सैंपल बैग लगाए और एल्गी की तस्वीरें लीं। माइक्रोएल्गी छोटे, एककोशिकीय या बहुकोशिकीय सूक्ष्मजीव होते हैं जो पानी में रहते हैं।