आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर परिसर स्थित श्री राममंदिर धर्मशाला की भूमी पर कई वर्ष से कब्जा था। छह हेक्टेयर से अधिक भूमि के मामले में उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा शुक्रवार को प्रशासन के पक्ष में फैसला दिया गया। इसके बाद से ही प्रशासन द्वारा भूमी पर कब्जा लेने की कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार रात को दुकानों का कब्जा हटाया गया। वहीं शनिवार को दिन में मंदिर की भूमी पर की जा रही गेंहू की फसल को दो जेसीबी से नष्ट किया गया।
प्रशासन द्वारा भूमि पर सर्वे नंबरों का उल्लेख कर बोर्ड भी लगाया है। इसमें मंदिर प्रबंधक कलेक्टर आगर होने और पूर्ण कब्जा, अधिपत्य होना दर्ज है। रातोरात प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई चर्चा में है, अतिक्रमणकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई पर कलेक्टर प्रीति यादव, एसपी विनोद सिंह की नजर बनाये हुए हैं और अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर एसडीएम सर्वेश यादव, एसडीओपी देवनारायण यादव, तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव, टीआइ नागेश यादव, नगर परिषद सीएमओ मनोज नामदेव सहित अन्य अधिकारी व परिषद का दल और पुलिस बल मौजूद रहा।
मंदिर की भूमी पर से अतिक्रमण हटने से श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। यहां मंदिर के विकास के साथ ही यात्री सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। दरअसल अभी मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर जाम लगता है। नवरात्र, गुप्त नवरात्र, रविवार और पर्वों पर घंटों जाम की स्थिति से श्रद्धालु काफी परेशान होते हैं। दर्शनार्थियों की कतार के लिये भी पर्याप्त स्थान नही है। मंदिर मार्ग की तरफ दोनों ओर सड़क किनारे वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से जाम की स्थिति बनती है। मदिर के पास ही छह हैक्टेयर से अधिक भूमी अतिक्रमण मुक्त होने से श्रद्धालुओं को इन समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है।
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भूमी को लेकर वर्ष 1997 में कुछ लोगों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर और फर्जी आधार पर इस जमीन के संबंध में एक डिक्री प्राप्त कर ली थी। मामले में आगर अपर जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च 2007 को विस्तृत साक्ष्यों के आधार पर उक्त डिक्री को अवैध व शून्य घोषित कर दिया था। जिला न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ प्रथम अपील दायर हुई जिसे कोर्ट ने शुक्रवार को निरस्त कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाकर भूमी को अपने कब्जे में ले लिया है।