मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पहले बेरोजगारों को नौकरी का लालच देकर उनके अलग-अलग बैंकों में 30 फर्जी खाते खुलवाए गए। उसके बाद उन्हें साइबर ठगों को बेच दिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन लोगों की गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड फिलहाल फरार है।
बुरहानपुर के लालबाग थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड का मामला तब सामने आया, जब यहां के रहने वाले सूरज काले ने पुलिस को बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर कामिनी और राकेश ने बैंक में खाता खुलवाया। उसके बाद उस खाते में किसी दूसरे का मोबाइल नंबर डालकर उससे जुड़े पास बुक, एटीएम और अन्य दस्तावेज राजस्थान के प्रकाश गहलोद को दे दिए। प्रकाश ने पिछले चार महीने में उस खाते से करीब दो करोड़ के फर्जी ट्रांजेक्शन किए हैं।
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वहीं, पुलिस जांच में सामने आया कि इसी तरह से कामिनी और राकेश ने अलग-अलग बैंकों में करीब 30 से अधिक लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके दस्तावेज भी राजस्थान के प्रकाश को भेज दिए हैं। इसके बदले उन्हें मोटा कमीशन मिलता रहा और उन खातों में फर्जी ट्रांजेक्शन किए जाते रहे। पुलिस ने दोनों भाई-बहन कामिनी और राकेश को गिरफ्तार किया है। उसके बाद आरोपी प्रकाश की तलाश की गई।
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इस दौरान उसके एक साथी कन्हैया को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ा है। इस तरह पुलिस ने फिलहाल कामिनी, राकेश और कन्हैया को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी प्रकाश गेहलोद फरार है। वहीं, पुलिस जांच में अब तक 18 फर्जी बैंक खातों में किए गए 16.23 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। इधर, आरोपी राकेश का रिमांड लेकर पूछताछ जारी है।