दमोह जिले के हटा नगर में शनिवार शाम एक अधिवक्ता और एसडीएम कार्यालय के चपरासी के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक दूसरे के सिर पर ईंट मार दी, जिससे दोनों ही घायल हो गए। पुलिस को खबर मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अलग किया, लेकिन वह एक-दूसरे को मारने उतारू थे। किसी तरह पुलिस ने दोनों को अलग किया और घायलों को हटा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घायल अधिवक्ता इमरत कुशवाहा ने बताया कि जब भी वह एसडीएम कार्यालय जाते हैं वहां पदस्थ चपरासी संजय नेमा बार-बार रुपयों की मांग करता है। इससे पहले एक दो बार मैंने उसे 100, 50 रुपये दे भी दिए, लेकिन वह हर बार जिद करके रुपये मांगता है। शनिवार शाम जब मैं बस स्टैंड के पास चाय पी रहा था, तो उसने आकर रुपये मांगे। मैंने मना किया तो उसने मुझसे बहस शुरू कर दी और वहां से चला गया। चंद मिनट बाद अपने भतीजे के साथ वहां वापस आया। भतीजे ने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और उसने मेरे सिर पर ईंट मार दी, जिससे मेरे सिर में गंभीर चोट आई है।
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वहीं इस मामले में एसडीएम कार्यालय के चपरासी संजय नेमा का कहना है कि बस स्टैंड के पास एक दुकान पर अधिवक्ता ने मुझे चाय पीने के लिए बुलाया था और एक जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कहा। मैंने कहा था मैं कोशिश करता हूं। पैसों के लेनदेन की कोई बात नहीं हुई। अचानक अधिवक्ता इमरत कुशवाहा गुस्से में आ गए और उन्होंने मेरे सिर में ईंट मार दी, जिससे मेरे सिर में चोट आई।
हटा टीआई धर्मेंद्र उपाध्याय का कहना है कि दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक बातचीत में अभी विवाद का सही कारण सामने नहीं आया है। कुछ रुपयों के लेनदेन की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।