दमोह जिले के तेंदूखेड़ा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दिनारी के पटी लीलाधर गांव में रविवार दोपहर एक खेत में आठ फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। यह मगरमच्छ ब्यारमा नदी से निकलकर खेत में पहुंचा था। किसानों ने देखा तो तत्काल ग्रामीणों को सूचित किया। ग्रामीणों ने खुद ही मगरमच्छ को रेस्क्यू कर नदी में छोड़ा, जबकि वन कर्मी दूर से सेल्फी लेकर अधिकारियों को भेजते रहे।
दिनारी सरपंच प्रतिनिधि भोजराज जैन ने बताया मगरमच्छ पटी गांव के मुख्य मार्ग से लगे खेत में था। लंबाई और आकर में वह करीब आठ फीट लंबा था। मगरमच्छ की समस्या दिनारी पंचायत में आयेदिन बनती है। कई बार रेक्स्यू करने के लिए तेंदुखेड़ा वन परिक्षेत्र कार्यालय में शिकायत की, लेकिन वन विभाग रेस्क्यू नहीं करता। जिस जगह मगरमच्छ हैं उससे कुछ दूरी पर हाईस्कूल है और बाजू में खेल मैदान है। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। यदि प्रशासन इसी तरह अनदेखी करता रहा तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
ये भी पढ़ें- मार्च के अंत में भीषण गर्मी का अलर्ट, जानिए कबसे चलेगी लू
मगरमच्छ नदी से निकलकर खेत में पहुंचने की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों ने मगरमच्छ का रेक्स्यू किया। यह पहला मामला नहीं है, बल्कि पूर्व में भी कई बार ऐसा हुआ है, जब ग्रामीणों को मगरमच्छ को पकड़ने आगे आना पड़ा। यहां पदस्थ वनकर्मी को आने में ही घंटों लग जाते हैं। रविवार को भी ऐसा ही हुआ, जब नदी से मगरमच्छ निकलकर खेत में पहुंचा उसको लोगों ने देख लिया।
डीएफओ को ग्रामीणों ने जानकारी दी तो एक सुरक्षा श्रमिक कुछ समय बाद मौके पर पहुंचा। जब तक ग्रामीण रेस्क्यू कर मगरमच्छ को नदी में छोड़ चुके थे। उसके बाद दो बीटगार्ड मौके पर पहुंचे। बीटगार्ड ने देखा कि रेस्क्यू हो गया है तो उन्होंने खेत से लगे मुख्य मार्ग से ही सेल्फी लेकर अपनी औपचारिकता निभाई और बाद में रेक्स्यू का श्रेय लेकर दमोह वन मंडल अधिकारी को अपनी उपस्थिति बता दी।
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र का अंतिम दिन, विधायकों ने लगाए रिकॉर्ड 18 ध्यानाकर्षण
दिनारी पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि भोजराज जैन ने बताया कि पटी गांव ने मुख्य मार्ग से लगे खेत में रविवार को मगरमच्छ आ गया था। यह मगरमच्छ ब्यारमा नदी से निकलकर खेत में पहुंचा था। तीन घंटे तक जब कोई वन अमला नहीं आया तो ग्रामीणों ने ही मगरमच्छ का रेक्स्यू किया। बाद में एक सुरक्षा श्रमिक आया जब तक रेक्स्यू हो चुका था। दमोह वन मंडलअधिकारी ईश्वर जरांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही वन अमले को मौके पर भेजा था। मगरमच्छ छोटा था, रेक्स्यू करके उसको नदी में छोड़ा गया है।