मध्य प्रदेश के कटनी जिले में लोन की राशि जमा करने के नाम पर जिले की 145 महिलाओं से 35 लाख 49 हजार की राशि की धोखाधड़ी करने का मामला समाने आया है। जिसे अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि लोन देने वाली फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी है, जिस पर वसूली की जिम्मेदारी थी। बस स्टैंड चौकी इलाके के शिवाजी नगर में चल रही इण्डसइंड बैंक की शाखा भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड के तीन कर्मचारियों ने लोन की राशि वसूलने के नाम पर बैंक और समूह की महिलाओं को ही लाखों रुपये का चूना लगा दिया। बैंक मैनेजर अंकित चौरसिया की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने बैंक के तीन कर्मचारियों के खिलाफ 35.49 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
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कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि इण्डसइंड बैंक की शाखा भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर अंकित चौरसिया द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच में यह सामने आया कि बैंक द्वारा महिला समूहों को बांटे गए लाखों रुपये के लोन की वसूली बैंक के कर्मचारी विवेक कुमार निवासी ग्राम गैंतरा कटनी, अर्जुन पटेल निवासी गोसलपुर जबलपुर और विजय प्रजापति निवासी बेलखेड़ा जबलपुर करते थे। समूह की महिलाओं के बयान में यह सामने आया है कि बैंक कर्मचारियों ने महिला समूहों से लोन के एवज में 27 फरवरी 2024 से 13 जनवरी 2025 तक लोन की किस्तों की वसूली की है।
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प्री-प्रेमेंट के नाम पर महिलाओं के अंगूठा लगवाकर उनके खातों से भी राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली, लेकिन उस राशि को बैंक में जमा नहीं कराया। तीनों कर्मचारियों ने अब तक 35 लाख 49 हजार रुपये का बैंक लोन के साथ-साथ 42 महिलाओं के खाते में जमा राशि भी हड़प ली। पुलिस के मुताबिक पूरे धोखाधड़ी के मामले कर ठगी के आरोपियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले पर FIR दर्ज करते हुए पीड़ितों से बयान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की बात कहते नजर आ रही हैं।