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Kota Shocker: Crocodiles Turn White Due to Chemical Waste, Fighting for Life in Poisoned Waters
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Kota News: केमिकल युक्त पानी ने छीना मगरमच्छों का प्राकृतिक हरा रंग, जहरीले नाले में जारी है जिंदगी की जंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Sun, 23 Mar 2025 03:33 PM IST
क्या आपने कभी सफेद मगरमच्छ देखे हैं? कोटा के रायपुरा से निकलने वाले बड़े नाले के आसपास ये सफेद मगरमच्छ दर्जनों की तादाद में देखे जा सकते हैं। 3 से 12 फीट तक लंबे ये मगरमच्छ तालाब किनारे रोजाना धूप सेंकने निकलते हैं। दरअसल इनका ये सफेद रंग प्राकृतिक तौर पर नहीं है, बल्कि उस केमिकल युक्त पानी के कारण है जिसमें ये रहने को मजबूर हैं। रायपुरा से निकलने वाले इस बड़े नाले में डीसीएम श्रीराम रेयोन्स फैक्ट्री का केमिकल युक्त लाखों लीटर अपशिष्ट पानी हर रोज छोड़ा जाता है। केमिकल युक्त होने के कारण इसका पानी पूरा सफेद है। इसी नाले में अपनी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं ये दर्जनों मगरमच्छ। इसमें रहने वाले सभी मगरमच्छ सफेद हैं। इनका सफेद होना कुदरती नहीं बल्कि केमिकल युक्त पानी में रहने से ही इनकी चमड़ी सफेद हो चुकी है।
राजस्थान की शान कहे जाने वाले इन सफेद मगरमच्छों को खुले में पड़े देखकर लोग अक्सर इन्हें यहां रुककर देखने लगते हैं लेकिन इन मगरमच्छों की अपनी पीड़ा है, जिसे ये बेजुबान व्यक्त नहीं कर पाते। लोगों का कहना है कि डीसीएम फैक्ट्री से आ रहे इस केमिकल युक्त पानी की वजह से इन मगरमच्छों की चमड़ी सफेद हो गई है और इनका प्राकृतिक हरा रंग खत्म हो गया है। जिन किसानों के खेत इस नाले के आसपास मौजूद हैं उनके परिवार भी दिनभर यहां खेतों में काम करते हैं। दबी जुबान में इनका कहना है कि कई बार ये लोग भी खेतों में सब्जियां उगाने के लिए इस अपशिष्ट मिले पानी का इस्तेमाल कर लेते हैं।
बहरहाल ये मामला बहुत गंभीर और विचारणीय है, जिसके लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि कोई बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
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